Corona New Variant Cicada Virus: साल 2020 में जब कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को थमा दिया था, तब हम सभी ने इसकी गंभीरता का अनुभव किया। अब एक बार फिर से ऐसे हालात देखने को मिल रहे हैं, जब कोरोना का नया वेरिएंट Cicada BA.3.2 फैल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह वेरिएंट पिछले वेरिएंट्स की तुलना में बेहद अलग है। इसके म्यूटेशन की संख्या सामान्य से कहीं अधिक है। भारत पर इसका असर कितना होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। आइये जानते हैं यह नया वेरिएंट क्या है और इससे हमें क्या खतरे हो सकते हैं।
वेरिएंट का नाम क्यों ‘Cicada’?
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ‘Cicada’ दरअसल एक कीड़े का नाम है, जो लंबे समय तक जमीन के नीचे छिपा रहता है और फिर अचानक प्रकट होता है। ठीक ऐसे ही, BA.3.2 ने भी धीरे-धीरे फैलना शुरू किया है। वैज्ञानिक इसे BA.3.2 के नाम से जानते हैं, लेकिन इसकी असली पहचान इसके म्यूटेशन में है, जो अमेरिकी स्वास्थ्य प्राधिकरणों को चिंता का विषय बना हुआ है।
Corona New Variant Cicada Virus: कहाँ से आया यह वेरिएंट?
BA.3.2, ओमिक्रॉन का एक उप प्रकार है, जिसे नवंबर 2024 में अफ्रीका में पहचाना गया था। इसके बाद से यह वायरस 2025 में अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा शुरू करता है और फरवरी 2026 में 23 देशों में फैल चुका है। अमेरिका के 29 राज्यों में इसकी उपस्थिति देखी गई है, जहाँ ‘Wastewater’ मॉनिटरिंग से इसके संकेत मिले हैं।
वायरस के म्यूटेशन का खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस वेरिएंट के Spike Protein में 70 से 75 आनुवंशिक बदलाव देखे गए हैं, जो हमारे शरीर की इम्यून प्रणाली को चकमा दे सकते हैं। हमारी वैक्सीन जो पिछले वेरिएंट्स के खिलाफ काम करती है, शायद इसे पहचानने में असफल हो हों।
Corona New Variant Cicada Virus: भारत में स्थिति
भारत में वर्तमान में स्थिति नियंत्रित है, लेकिन INSACOG द्वारा रिपोर्ट किए गए XFG वेरिएंट के 163 मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। यह भी ओमिक्रॉन का एक म्यूटेटेड वेरिएंट है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के माध्यम से BA.3.2 का प्रसार हो सकता है, जिसके लिए निगरानी प्रणालियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
क्या Vaccination प्रभावी होगी?
वर्तमान में टीकाकरण जो हम ले रहे हैं, वे मुख्य रूप से JN.1 जैसे वेरिएंट्स के आधार पर बने हैं। मगर BA.3.2 हमारे शरीर के लिए एक पूर्ण अजनबी के समान है। ऐसा नहीं है कि वैक्सीन पूरी तरह बेकार हो गई है, लेकिन इसका प्रभाव कम हो सकता है।
बचाव के उपाय
क्या हमें चिंता करनी चाहिए? पल्मोनरी और क्रिटिकल केयर डॉक्टर्स का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि BA.3.2 पुराने वेरिएंट्स से ज्यादा खतरनाक है, लेकिन यह बात सही है कि इसकी तेजी से फैलने की क्षमता इसे ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकती है। सख्त एहतियात बरतना जरूरी है, जैसे कि हाथों की सफाई, भीड़ भरे स्थानों से बचना, और चिकित्सकीय सलाह लेना।
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