उत्तराखंड हादसा जैसलमेर के एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, लापता मां-बेटी के शव भी मिले

The CSR Journal Magazine
उत्तराखंड के देवप्रयाग में अलकनंदा नदी में कार गिरने से हुए भीषण हादसे ने राजस्थान के जैसलमेर जिले को गहरे शोक में डुबो दिया है। हादसे के छह दिन बाद लापता चल रही मां-बेटी के शव भी बरामद कर लिए गए हैं। इसके साथ ही एक ही परिवार के छह सदस्यों समेत कुल सात लोगों की मौत हो चुकी है। पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक घटना को लेकर शोक की लहर है।

देवप्रयाग में खाई से गंगा में समाई कार

जानकारी के अनुसार 2 जून की सुबह करीब 10 बजे ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर देवप्रयाग से लगभग पांच किलोमीटर आगे चकासा क्षेत्र में यह हादसा हुआ। हरिद्वार नंबर की एक कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई और सीधे गंगा नदी में समा गई। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

बद्रीनाथ यात्रा से लौट रहा था परिवार

कार में जैसलमेर निवासी एक ही परिवार के सात सदस्य और चालक सवार थे। सभी लोग बद्रीनाथ धाम की यात्रा कर वापस लौट रहे थे। हादसे के दिन ही डॉ. दिनेश पंवार (27), कमला देवी (62), अश्लेषा (22) तथा वाहन चालक अमित गुप्ता (32) के शव बरामद कर लिए गए थे। वहीं परिवार का 12 वर्षीय आयुष्मान गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला, जिसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। वर्तमान में उसका इलाज एम्स ऋषिकेश में चल रहा है और चिकित्सक उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

छह दिन तक चला सर्च ऑपरेशन

दुर्घटना के बाद गुड्डी देवी (40), उनकी बेटी ज्योत्सना (15) और नम्रता (20) लापता थीं। उनकी तलाश के लिए एसडीआरएफ की विशेष टीमों ने गोताखोरों के साथ गंगा नदी में लगातार सर्च अभियान चलाया। गहरे पानी में डीप डाइविंग के माध्यम से कई दिनों तक खोजबीन की गई। रविवार को ज्योत्सना का शव देवप्रयाग से लगभग 15 किलोमीटर दूर व्यास घाट क्षेत्र से बरामद हुआ। इसके बाद सोमवार को गुड्डी देवी का शव भी व्यास घाट के पास मिला, जबकि नम्रता का शव एक होटल के निकट गंगा से बरामद किया गया। दोनों शवों की पहचान परिजनों ने की, जिसके बाद उन्हें परिवार को सौंप दिया गया।

हरिद्वार में होगा अंतिम संस्कार

लापता मां-बेटी के शव मिलने के बाद हादसे में मृतकों की संख्या सात हो गई है, जिनमें एक ही परिवार के छह सदस्य शामिल हैं। सभी शवों का अंतिम संस्कार हरिद्वार में किया जा रहा है। इससे पहले मिले अन्य मृतकों का अंतिम संस्कार भी वहीं संपन्न हुआ था। इस हृदयविदारक घटना से जैसलमेर जिले के लोगों में गहरा दुख है। परिजन और स्थानीय लोग परिवार के लिए संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। वहीं घायल आयुष्मान के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। यह हादसा उत्तराखंड की पहाड़ी सड़कों पर यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की एक बड़ी चेतावनी भी बनकर सामने आया है।

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