CBSE ने 12वीं की रीवैल्यूएशन फीस को कम किया, पूरी फीस वापस करने का भी ऐलान

The CSR Journal Magazine
शिक्षा मंत्रालय ने 12वीं के छात्रों की शिकायतों के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की रीवैल्यूएशन फीस में कमी की है। अब स्कैन कॉपी के लिए छात्रों को 700 रुपये के बजाय सिर्फ 100 रुपये देने होंगे। इसके साथ ही, प्रत्येक सवाल की री-चेकिंग के लिए पहले 100 रुपये की जगह अब मात्र 25 रुपये ही चुकाने होंगे। शिक्षा सचिव संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी साझा की। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी छात्र के कुल अंक में एक अंक भी बढ़ता है, तो उसे रीवैल्यूएशन के लिए जमा की गई फीस वापस मिलेगी। छात्र 19 से 22 मई के बीच अपनी स्कैन आंसर शीट हासिल कर सकेंगे।
छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाएं वेरिफाई या री-इवैल्यूट कराने के लिए 26 से 29 मई के बीच आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि रीवैल्यूएशन प्रक्रिया ओएसएम (ऑन स्क्रीन मार्किंग) प्रणाली के तहत ही होगी। अधिकारी ने बताया कि यदि अवेदनों की संख्या बढ़ती है, तो प्रक्रिया की तिथि को भी बढ़ाया जा सकता है।

OSM की कमियों पर छात्रों की शिकायतें

यह निर्णय ओन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली से जुड़े मुद्दों के कारण आया है। 12वीं के परिणाम आने के बाद कई छात्रों और उनके अभिभावकों ने OSM पर सवाल उठाए थे। उनके अनुसार, इस प्रणाली की वजह से कई छात्रों को अपेक्षाकृत कम अंक मिले हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया का दौर

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि पहले नीट पेपर लीक हुआ और अब CBSE 12वीं के परिणाम में OSM के कारण छात्रों को कम अंक मिले। उनके अनुसार, यह छात्रों की कॉलेज पात्रता पर भी नकारात्मक असर डाल रहा है।

नए छात्रों के सामने चुनौती

वहीं, छात्रों ने OSM सिस्टम के कारण स्टेप-मार्किंग में भी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। इसकी वजह से कुछ छात्रों ने जिनके JEE में 99 पर्सेंटाइल हैं, उन्हें 12वीं बोर्ड में 75% का क्राइटेरिया पूरा नहीं कर पाने के कारण IIT-NIT में एडमिशन से बाहर होना पड़ा है।

CBSE का स्पष्टीकरण

दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्रालय के संजय कुमार ने कहा कि OSM प्रणाली पहली बार नहीं लागू की गई है। CBSE ने इसे पहले 2014 में लागू किया था, लेकिन तब तकनीकी समस्याओं के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने बताया कि 98,66,222 उत्तर पुस्तिकाओं में से केवल 13,583 कॉपियां ऐसी थीं जिनकी स्कैन कॉपी OSM के माध्यम से जांच नहीं की जा सकी थी।

छात्रों के प्रति संवेदनशीलता

कुल मिलाकर, CBSE ने ये निर्णय छात्रों की बेहतर सुविधा और उनकी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए लिया है। अब सभी की नजरें इस प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं कि किस प्रकार से यह निर्णय छात्रों को प्रभावित करेगा। शिक्षा मंत्रालय और CBSE दोनों ने आगे की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता बरती है।

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