CBSE ने 9वीं, 10वीं में थ्री लैंग्‍वेज अनिवार्य की: 1 जुलाई से लागू

The CSR Journal Magazine
CBSE ने अपने सभी स्कूलों में कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए थ्री लैंग्‍ेज पॉलिसी को अनिवार्य कर दिया है। यह नियम वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। नए सिलेबस के तहत, छात्रों को तीन भाषाओं की पढ़ाई करनी होगी, जिसमें से दो भाषाएं भारतीय होनी चाहिए। इस फैसले के अनुसार, एक भारतीय भाषा, एक विदेशी भाषा और एक क्षेत्रीय भाषा पढ़ाई जाएगी। स्कूलों को यह जानकारी देने का आदेश दिया गया है कि वे 30 जून तक अपनी चुनी हुई भाषाएं बोर्ड को सूचित करें।

बोर्ड परीक्षा में थर्ड लैंग्‍वेज का पेपर नहीं

CBSE ने स्पष्ट किया है कि 10वीं की बोर्ड परीक्षा में थर्ड लैंग्‍ेज का (R3) पेपर नहीं होगा। हालांकि, छात्रों के लिए इसकी पढ़ाई करना आवश्यक होगा। जब तक थर्ड लैंग्‍ेज के लिए पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक कक्षा 9 के छात्र कक्षा 6 की R3 किताबों से पढ़ाई करेंगे। स्कूलों को यह निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय या राज्य स्तर का साहित्य भी उपलब्ध कराएं, जिसमें कविताएं, शॉर्ट स्टोरीज़ और फिक्शन वर्क शामिल हो।

टीचिंग सपोर्ट की व्यवस्था

CBSE ने माना है कि कुछ स्कूलों को भारतीय भाषाओं के लिए योग्य शिक्षकों की व्यवस्था में मुश्किल हो सकती है। ऐसे मामलों में, स्कूलों को इंटर स्कूल रिसोर्सेज के माध्यम से हाइब्रिड टीचिंग सपोर्ट, रिटायर भाषा शिक्षकों की नियुक्ति और योग्य पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षकों की भर्ती की अनुमति दी गई है। यह कदम भारतीय भाषाओं की पढ़ाई को और सहज बनाने के लिए उठाया गया है। इसके जरिए छात्रों को गुणवत्ता की शिक्षा मिल सकेगी।

शैक्षणिक सुधार की दिशा में कदम

इस नई पॉलिसी को लागू करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को कई भाषाएं सिखाना और उनके भाषा कौशल को बढ़ाना है। बोर्ड का कहना है कि इससे छात्रों का समग्र विकास होगा, और वे विभिन्न भाषाओं को सीखकर सांस्कृतिक समृद्धि को भी समझेंगे। यह निर्णय NCERT द्वारा 2026-27 के लिए जारी किए गए नए सिलेबस के सहारे लिया गया है।

स्कूलों को चाहिए तैयारी

स्कूलों को आगामी सत्र की तैयारी में जुटने का समय मिला है। सभी शिक्षकों को इस नई पॉलिसी के तहत तैयारियों को पूरा करना होगा। साथ ही, जो स्कूल इस बदलाव के प्रति सजग रहेंगे, वे अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार कर सकेंगे। स्कूलों को अपने-अपने छात्रों के लिए उपयुक्त किताबों और सामग्री की व्यवस्था करनी होगी।

छात्रों के लिए नए अवसर

यह नीति छात्रों के लिए नए अवसर लेकर आएगी। कई छात्र विदेशी भाषाओं को लेकर रुचि रखते हैं और इस तरह से उन्हें अलग-अलग भाषाओं के ज्ञान में वृद्धि करने का मौका मिलेगा। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे इस पहल का गंभीरता से पालन करें और छात्रों को उचित मार्गदर्शन प्रदान करें।

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