इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली DM और SSP को नमाज विवाद में तलब कर कार्रवाई की चेतावनी

The CSR Journal Magazine
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य को एक गंभीर मामले में तलब किया है। यह मामला उस समय का है जब पुलिस ने एक निजी घर में नमाज पढ़ने से रोक दिया था। याचिकाकर्ता हसीन खान के अनुसार, उन्हें नमाज पढ़ने से रोका गया और पुलिस द्वारा कथित धमकी दी गई। कोर्ट ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और अधिकारियों को पेश होने का आदेश दिया है।

अवमानना की संस्तुति

कोर्ट ने दोनों अधिकारियों को अवमानना के मामले में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। यदि वे आदेश का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाएगा। इससे साफ है कि अदालत कार्रवाई में कोई ढील नहीं देने वाली है। बार-बार पेश न होने की स्थिति में कठोर कदम उठाए जाएंगे। यह आदेश बरेली के मोहम्मद गंज गांव में 16 जनवरी को हुई घटना से संबंधित है।

पुलिस पर गंभीर आरोप

याचिकाकर्ता हसीन खान ने कोर्ट में दाखिल याचिका में उल्लेख किया है कि उन्हें घर से उठाकर पुलिस ने चालान कर दिया और फिर उनसे जबरदस्ती कागजों पर अंगूठा लगवाया। हसीन ने बताया कि वे अनपढ़ हैं और कागजों को ठीक से समझ नहीं सके।

सरकार ने दी सफाई

सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने कहा कि 16 जनवरी को हसीन खान की निजी संपत्ति में नमाज अदा करने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन हिंदू परिवारों की शिकायत पर पुलिस ने इसे रोक दिया। यह एक संवेदनशील मुद्दा है और इससे धार्मिक स्वतंत्रता का सवाल उठता है।

सुरक्षा के आदेश

कोर्ट ने याचिकाकर्ता हसीन खान को 24 घंटे दो सशस्त्र गार्ड की सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है। इसका उद्देश्य उनके परिवार और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सुरक्षा गार्ड हसीन के साथ हर जगह रहेंगे, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की हिंसा से बचाया जा सके।

अधिकारियों की पेशी का इंतज़ार

जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि डीएम और SSP कोर्ट में पेश होते हैं या नहीं। यदि वे पेश होते हैं, तो उन्हें अपनी कार्रवाई के पीछे की वजह बतानी होगी।

समाज में बढ़ता तनाव

इस मामले से समाज में तनाव की स्थिति भी बढ़ गई है। धार्मिक मामले में हस्तक्षेप को लेकर विभिन्न समुदायों के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में हाईकोर्ट के आदेश का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि सांप्रदायिक तनाव को कम किया जा सके।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 
Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos