AIMIM Corporator Sahar Shaikh Fake Caste Certificate: कैसा हराया कहने वाली सहर शेख पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र का आरोप, कुर्सी पर संकट!

The CSR Journal Magazine
AIMIM Corporator Sahar Shaikh Fake Caste Certificate: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जहां Sahar Shaikh की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मुंब्रा की AIMIM पार्षद सहर शेख और उनके पिता यूनुस शेख के खिलाफ फर्जी दस्तावेज जमा करने और सरकारी एजेंसियों को गुमराह करने के आरोप में केस दर्ज करने का आदेश दिया गया है। यह आदेश ठाणे तहसीलदार की ओर से जारी किया गया है, जिसके बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।

AIMIM Corporator Sahar Shaikh Fake Caste Certificate: क्या है पूरा मामला?

इस पूरे विवाद की शुरुआत शिकायतकर्ता सिद्दीकी फराह शबाब अहमद की ओर से की गई शिकायत से हुई। आरोप है कि सहर शेख ने अधिकारियों को गुमराह करते हुए महाराष्ट्र में Fake Caste Certificate हासिल किया। जांच में सामने आया कि यह प्रमाण पत्र मुंबई कलेक्टर कार्यालय से जारी हुआ था, जबकि सहर शेख ठाणे की निवासी हैं यहीं से पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए।

पिता पर भी गंभीर आरोप, सुनवाई में क्या हुआ?

मामले में सहर शेख के पिता यूनुस शेख की भूमिका भी जांच के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने OBC के लिए लागू Form-8 का इस्तेमाल किया, जबकि प्रवासियों के लिए Form-10 लागू होता है। यानी नियमों को दरकिनार कर प्रमाण पत्र हासिल करने की कोशिश की गई। ठाणे तहसीलदार के सामने हुई सुनवाई में कई अहम बातें सामने आईं। 18 मार्च की सुनवाई में यूनुस शेख बीमारी का हवाला देकर पेश नहीं हुए, जबकि उनके वकीलों ने कुछ दस्तावेज जमा किए। 23 मार्च की अगली सुनवाई में अधिकारियों ने प्रमाण पत्र में कई त्रुटियां बताईं और पूरे मामले पर संदेह जताया।

पार्षद पद पर खतरा?

अगर आरोप साबित होते हैं, तो सहर शेख की पार्षद की कुर्सी पर सीधा खतरा मंडरा सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि सियासी तौर पर भी बड़ा असर डाल सकता है। इस बीच यूनुस शेख ने फोन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अभी तक इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है और कोई आधिकारिक नोटिस भी नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी जुटाने के बाद ही वे इस पर विस्तार से बात करेंगे।

AIMIM Corporator Sahar Shaikh Fake Caste Certificate: आगे क्या?

फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है और केस दर्ज होने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और क्या सहर शेख अपनी कुर्सी बचा पाती हैं या नहीं। कुल मिलाकर, यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा विवाद बनता जा रहा है, जिसमें कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ सियासी असर भी देखने को मिल सकता है।
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