West Bengal: मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना हुआ अनिवार्य

The CSR Journal Magazine
पश्चिम बंगाल की सरकार ने अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के अंतर्गत सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य कर दिया है। 19 मई को जारी आदेश के अनुसार, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा।

सुबह की सभा में बदलाव

अब सभी मदरसों में सुबह की प्रार्थना सभा से पहले ‘वंदे मातरम’ गाना जरूरी होगा। पहले यहा राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और बांग्ला गीत ‘अनंत असीम प्रेममय तुमी’ गाए जाते थे। नए आदेश के बाद सभी मदरसों को विभाग को रिपोर्ट भी सौंपनी होगी।

स्कूलों में भी वंदे मातरम अनिवार्य

इसके पहले, पश्चिम बंगाल सरकार ने 13 मई को सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सुबह की असेंबली में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य किया था। सभी छात्रों को इसमें शामिल होना अनिवार्य कर दिया गया है।

गोहत्याबंदियों का संदर्भ

इस समय सरकार ने गोहत्या से जुड़े 1950 के कानून और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक नोटिस भी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि बिना ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ के किसी भी मवेशी की हत्या पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

केंद्र का दिशा-निर्देश

केंद्र सरकार ने 11 फरवरी को राष्ट्रगान ‘वंदे मातरम’ के संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि अगर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ एक साथ गाए या बजाए जाएं, तो पहले ‘वंदे मातरम’ गाया जाना चाहिए।

गाने की प्रक्रिया

इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। नए नियमों के तहत, राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाने होंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड है। पहले, आमतौर पर सिर्फ पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे।

वंदे मातरम पर बहस

लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ पर 10 घंटे की बहस चल रही है। इस दौरान सरकार और विपक्ष की तरफ से कई बड़े दावे किए गए। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के आगे घुटने टेक दिए। वहीं, कांग्रेस ने RSS पर भी आरोप लगाया कि संघ ने आजादी के आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया।

वंदे मातरम का महत्व

वंदे मातरम को राष्ट्रगान जैसा दर्जा मिलने के बाद अब अपमान करने या गायन में बाधा डालने पर सजा और जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया गया है। इस तरह की बहस और बदलाव से यह स्पष्ट होता है कि बंगाल सरकार शिक्षा के माध्यम से राष्ट्रीयता और एकता को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos