बर्तन धोने वाली कलीता माझी से क्रिकेटर अशोक डिंडा तक, बंगाल सरकार में कौन-कौन बने मंत्री

The CSR Journal Magazine

पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा कदम: कैबिनेट में शामिल हुए 35 नए मंत्री, युवाओं पर दिखा भरोसा

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की नई भाजपा सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार किया है, जिसमें कुल 35 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। सोमवार, 1 जून 2026 को कोलकाता के लोक भवन में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान राज्यपाल आर.एन. रवि ने इन सभी नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस बड़े विस्तार के साथ ही सुवेंदु सरकार के कुल मंत्रियों की संख्या अब बढ़कर 41 हो गई है।

कैबिनेट विस्तार में नए चेहरों की बौछार

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नयी लहर देखने को मिली है, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने कैबिनेट का विस्तार किया। 35 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, जिससे मंत्रियों की संख्या 6 से बढ़कर 41 हो गई। इस विस्तार में, उत्तर बंगाल के कई विधायकों को शामिल किया गया, जिन्होंने अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व बढ़ाया है। इस प्रकार, राज्य में एक नए युग की शुरुआत हुई है।

प्रमुख नाम और नए चेहरे

इस नए कैबिनेट विस्तार में पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ-साथ कई नए चेहरों और पहली बार बने विधायकों को भी मौका दिया गया है ताकि क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधा जा सके। शपथ लेने वाले कुछ प्रमुख नेताओं में शामिल हैं प्रमुख कैबिनेट मंत्री अर्जुन सिंह, तापस रॉय, स्वपन दासगुप्ता, शंकर घोष और शरदवत मुखर्जी, जिन्होंने पहले चरण में मंत्रीपद की शपथ ली। अन्य महत्वपूर्ण नामों में जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, दीपक बर्मन, मनोज उरांव, गौरी शंकर घोष और रूपा गांगुली भी इस नए मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मालती रमा रॉय और पूर्णिमा चक्रवर्ती जैसी महिला नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।

मंत्री बनी बर्तन धोने वाली महिला की कहानी

इस बार कैबिनेट में शामिल नामों में सबसे ध्यान खींचने वाला नाम कलीता माझी है। पूर्वी बर्दवान के औशग्राम क्षेत्र से चुनाव जीतने वाली कलीता ने अपने जीवन में कई संघर्ष देखे हैं। उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर पिछले दिनों नौकरानी का काम किया और अब वह मंत्री बन गई हैं। उनकी जीत ने कई लोगों को प्रेरित किया है।

युवाओं और क्रिकेट का प्रभाव

इनमें से एक महत्वपूर्ण नाम है बिराज बिस्वास, जो उत्तर दिनाजपुर से विधायक बने हैं। वह कलकत्ता हाई कोर्ट में वकील हैं और अब मंत्री बन गए हैं। इसके अलावा, भारतीय क्रिकेट के तेज गेंदबाज अशोक डिंडा भी मंत्री बने हैं। उन्होंने मोयना सीट से लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर इस पद को हासिल किया।

पत्रकारों का राजनीति में कदम

राजनीति में आए कुछ अन्य चेहरे भी खास हैं। पत्रकार रह चुके स्वपन दासगुप्ता और जगन्नाथ चट्टोपाध्याय को भी इस बार मंत्री बनाया गया है। ये बदलाव दिखाते हैं कि बंगाल सरकार में अद्वितीय व्यक्तित्वों को महत्व मिल रहा है, जो नई सोच और दृष्टिकोण लेकर आ सकते हैं।

महिलाओं की भागीदारी में बृद्धि

इस नए कैबिनेट में महिलाओं की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। कलीता के अलावा मौमिता बिस्वास मिश्रा, सुमना सरकार और अन्य महिला विधायकों को भी मंत्री बनाया गया है। इससे यह साफ होता है कि बंगाल सरकार में महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उत्तर बंगाल का मजबूत प्रतिनिधित्व

कैबिनेट विस्तार में उत्तर बंगाल के विधायकों को प्रमुखता दी गई है, जिसमें कई नए चेहरों को शामिल किया गया है। इससे उत्तरी बंगाल के क्षेत्रों का बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होता है। इस तरह का बदलाव सरकार की विविधता को और भी मजबूत करता है।

कैबिनेट में जगह बनाना आसान नहीं

कैबिनेट में शामिल होना कोई आसान कार्य नहीं है। इसके लिए नेताओं को कड़ी मेहनत करनी होती है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में, बीजेपी ने यह सुनिश्चित किया है कि हर वर्ग का प्रतिनिधित्व हो। इससे दिखता है कि बंगाल की राजनीति में बदलाव आ रहा है, और यह बदलाव अच्छे की ओर है।

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