उद्धव ठाकरे के नागपुर दौरे पर रवि राणा ने उनकी ‘राम रक्षा’ आंदोलन पर की तीखी टिप्पणी

The CSR Journal Magazine
महानगर नागपुर में उद्धव ठाकरे के आगामी दौरे के दौरान सियासी तापमान बढ़ता जा रहा है। अमरावती के विधायक रवि राणा ने उद्धव ठाकरे के ‘राम रक्षा’ आंदोलन को लेकर तंज कसा है। उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री को नागपुर पहुंचने पर डॉ. हेडगेवार की प्रतिमा के सामने नमन करना चाहिए। राणा के अनुसार, तभी उद्धव ठाकरे असली मायने में ‘शुद्ध’ हो सकते हैं। याद रहे कि ठाकरे 18 जुलाई को नागपुर में राम मंदिर चढ़ावे की चोरी के खिलाफ एक प्रदर्शन में शामिल होने वाले हैं।

‘शुद्ध’ होने के लिए क्या करना होगा उद्धव को?

रवि राणा का बयान उद्धव की गतिविधियों पर सीधे तौर पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने सुझाव दिया है कि उद्धव हनुमान चालीसा का पाठ करके खुद को ‘पवित्र’ करने की कोशिश कर रहे हैं। राणा का कहना है कि ठाकरे को नागपुर आने के बाद सीधे आरएसएस मुख्यालय जाना चाहिए। यहाँ उन्हें डॉ. हेडगेवार की प्रतिमा के समक्ष झुकना चाहिए और फिर अमरावती में हनुमान गढ़ी जाकर चालीसा का पाठ करना चाहिए। इस तरह ही उन्हें शुद्ध करने का प्रयास सफल होगा।

‘राम रक्षा’ आंदोलन का दूसरा चरण: सितंबर में तामझाम

शिवसेना ने अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे की चोरी के विरोध में ‘राम रक्षा आंदोलन’ का ऐलान किया है। इसका दूसरा चरण 18 जुलाई से Nagpur में शुरू होगा। ठाकरे के इस कार्यक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। शिवसेना का आरोप है कि भाजपा सरकार के समय में राम मंदिर में चंदा चोरी हुई है, जो कि जनसमूह में गहरी नाराजगी का विषय बन गया है। यह घटना लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को चोट पहुंचा रही है।

क्या उद्धव के ‘राम रक्षा’ आंदोलन से होगा कुछ बदलाव?

सवाल यह उठता है कि क्या उद्धव ठाकरे इस आंदोलन के माध्यम से अपने पिता बाल ठाकरे की राजनीतिक विरासत को सही मायने में वापस पा सकेंगे? राणा के बयान के बाद यह ज्ञात नहीं है कि उद्धव किस तरह की प्रतिक्रिया देंगे। ‘राम रक्षा’ आंदोलन को लेकर शिवसेना के नेता और उनके समर्थक इसे सच्चे अर्थों में एक महाकौशल मानते हैं। इस आंदोलन के तहत उन लोगों के खिलाफ प्रदर्शन करने की योजना है, जिनका आरोप है कि उन्होंने दुर्व्यवहार किया।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी

पहले चरण में कार्यवाही के तहत पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। अप्रैल 2022 में नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, जब उन्होंने उद्धव ठाकरे के निवास ‘मातोश्री’ के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान किया था। यह सब घटनाक्रम सियासी तनाव को और भी बढ़ा रहा है।

बदलेगा महाराष्ट्र की राजनीति का समीकरण?

उद्धव ठाकरे का नागपुर दौरा न केवल उनकी पार्टी, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति पर भी गहरा प्रभाव डालेगा। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि क्या उद्धव अपने आलोचकों को जवाब देने में सफल हो पाएंगे या फिर उनका राजनीतिक भविष्य धुंधला होता रहेगा। इस वजह से मंच पर सभी की नजरें इस विरोध प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।

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