Kolkata में TMC दफ्तर पर बुलडोजर चला, क्लॉक टावर भी ध्वस्त

The CSR Journal Magazine
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में गुरुवार को नगर निगम ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का एक दफ्तर और एक क्लॉक टावर बुलडोजर से गिरा दिया। यह कार्रवाई तब हुई जब स्थानीय लोगों ने कई बार सीधे तौर पर इसके अवैध होने की शिकायत की थी। इस कार्रवाई को लेकर नगर निगम का कहना है कि यह कदम कानूनी आदेशों के अनुसार उठाया गया है। इससे पहले, 5 मई को भी कोलकाता के न्यू मार्केट क्षेत्र में TMC का एक दफ्तर गिराने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जब चुनावी नतीजों के बाद गुस्साए भाजपा समर्थकों ने वहाँ तोड़फोड़ की थी।

2025 में कोर्ट ने दी थी गिराने की आदेश

दिलचस्प बात यह है कि साल 2025 में कोर्ट ने इस दफ्तर और क्लॉक टावर को अवैध बताते हुए उसे गिराने का आदेश दिया था। इसके बावजूद तब के अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया था। हालाँकि, मौजूदा प्रशासन ने अब इस मामले को गंभीरता से लिया है और अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पूर्व मंत्री अरूप विश्वास ने इस टावर का उद्घाटन किया था जो हाल ही में चुनाव हार गए हैं। यह कार्रवाई एक संकेत है कि स्थानीय प्रशासन अब अवैध निर्माण के मामलों में कोई ढिलाई नहीं बरतने जा रहा।

Nabarun मंडल की अगुवाई में हुई कार्रवाई

कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों की टीम ने इस कार्रवाई का नेतृत्व Nabarun मंडal किया। मंडल ने कहा कि यह स्पष्ट है कि किसी भी अवैध निर्माण को सहन नहीं किया जाएगा। इस अभियान के दौरान, स्थानीय निवासियों ने भी नगर निगम की कार्रवाई का समर्थन किया जबकि TMC कार्यकर्ताओं ने इस पर विरोध जताया। दोनों पक्षों के बीच तनाव भी देखने को मिला।

आगजनी की घटनाएँ भी सामने आईं

वहीं, इसी बीच आसनसोल में TMC ऑफिस में आग लगने की घटना भी सामने आई है। आग लगने के कारणों की अभी तक जांच नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भाजपा समर्थकों द्वारा आगजनी की गई है। जबकि जगतबल्लभपुर में भी TMC ऑफिस में आग लगाने की कोशिश की गई, जिस पर TMC ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया। इन घटनाओं ने राजनीति में एक नई गर्मी पैदा कर दी है।

बंगाल की सियासत में गर्माता माहौल

एक तरफ जहां TMC अपने दफ्तरों के बचाव के लिए मैदान में उतरी है, वहीं भाजपा अपनी ताकत को बुनियाद देने के लिए सक्रिय है। यह सब कुछ ऐसे समय में हो रहा है जब बंगाल की राजनीतिक हवा काफी गरम है। हाल ही में, भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या ने मामले को और भी गंभीर बना दिया है। इस प्रकार की घटनाओं से दोनों पार्टियों के बीच की दरार खुलकर सामने आ रही है।

पार्टी के कार्यकर्ताओं में बढ़ी बेचैनी

TMC कार्यकर्ताओं में इस कार्रवाई को लेकर बेचैनी का माहौल है। कई कार्यकर्ताओं ने यह जताया है कि यह सियासी प्रतिशोध का हिस्सा है। दूसरी तरफ, भाजपा ने इन सभी घटनाओं को TMC की हार की प्रतिक्रिया बताते हुए इसे एक अच्छे संकेत के रूप में पेश किया है। ऐसे में देखना होगा कि आगे क्या घटनाक्रम बनता है।

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