बागी TMC सांसदों के विलय पर विवाद, NCPI सचिव बोले- यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक नहीं

The CSR Journal Magazine
नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में बागी TMC सांसदों के विलय ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। NCPI के सचिव शान्तनु डे ने इस विलय के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक नहीं है और इस पर चर्चा नहीं हुई। बागी सांसदों ने ऐलान किया था कि वे भाजपा की अगुवाई वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) को समर्थन देते हुए NCPI में विलय कर रहे हैं।

पार्टी में उठे सवाल

शान्तनु डे ने आगे कहा कि इस विलय के मामले में पार्टी के अन्य सदस्यों से किसी भी तरह की चर्चा नहीं की गई थी। उनका आरोप है कि नेतृत्व ने बिना किसी सहमति के यह कदम उठाया और इसे एकतरफा निर्णय बताया। वे गंभीरता से हाई कोर्ट जाने की सोच रहे हैं। शान्तनु का मानना है कि पार्टी के उन पदाधिकारियों को नजरअंदाज किया गया है जिन्होंने त्रिपुरा में जमीन पर काम किया है।

स्थानीय नेता की दावेदारी

इस विवाद के बीच NCPI के संस्थापक उत्तिया कुंडू और उनकी पत्नी शेवली चर्चा में हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि उत्तिया मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी हैं। इससे पार्टी के भीतर और भी मतभेद सामने आ रहे हैं। शेवली ने कहा कि उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है और उन्हें नहीं पता कि नए अध्यक्ष कौन हैं। इस बीच, लेन-देन के लिए कोई भी बातचीत नहीं की गई, जो इसे और भी विवादास्पद बनाता है।

तीन साल का सफर

NCPI पार्टी ने 2023 में पश्चिम बंगाल में रजिस्ट्रेशन कराया था लेकिन इसे कोई खास सक्रियता नहीं मिली। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, NCPI ने त्रिपुरा में महज तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था। यह स्थिति पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चिंता पैदा करती है। शान्तनु ने कहा कि पार्टी की सक्रियता सिर्फ त्रिपुरा तक सीमित रही है।

पार्टी के भीतर गहराती दरार

शान्तनु डे का कहना है कि यदि उनके सवालों का सही जवाब नहीं मिला तो वे कलकत्ता हाई कोर्ट जाएंगे। पार्टी के आंतरिक मतभेदों के चलते यह मामला अब एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन गया है। विलय के ऐलान के बाद पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं दिखता। NCPI की राजनीतिक गतिविधियों ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित कर दिया है।

TMC सांसदों के बागी रुख

TMC के 20 बागी सांसदों ने स्पीकर ओम बिरला से मिलकर अलग बैठने की व्यवस्था के लिए पत्र लिखा था। काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि उनका समूह NCPI में विलय कर NDA का समर्थन देने का फैसला कर चुका है। यह घटनाक्रम न केवल TMC के लिए बल्कि NCPI के लिए भी भविष्य में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos