सोनिया गांधी ने गाजा में बच्चों के संकट पर भारत सरकार की चुप्पी और इजराइल नीति को लेकर सवाल उठाए

The CSR Journal Magazine

सोनिया गांधी का इजराइल के प्रति भारत की चुप्पी पर सवाल: गाजा में बच्चों का संकट 

कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 27 जून 2026 को प्रकाशित एक ओपिनियन लेख में गाजा मानवीय संकट और विशेष रूप से बच्चों की दुर्दशा पर मोदी सरकार की ‘पथरीली चुप्पी’ (Stony Silence) को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि भारत का यह रुख देश के नैतिक मूल्यों और रणनीतिक राष्ट्रीय हितों दोनों के खिलाफ है।

खामोशी का क्या मतलब?

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने गाजा में इजराइल की सैन्य कार्रवाई पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइल गाजा में फिलिस्तीनियों के अस्तित्व को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इतनी गंभीर रिपोर्ट के बावजूद मोदी सरकार की चुप्पी चिंताजनक है।

भारत की खामोशी

सोनिया ने लिखा है कि भारत आज एकमात्र ऐसी आवाज है जिसने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। जब पूरी दुनिया इजराइल के खिलाफ खड़ी हो रही है, तब भारत सरकार को कुछ भी नहीं कहना समझ से परे है। उन्होंने यह भी बताया कि जस्टिस एस. मुरलीधर की रिपोर्ट पर भी मोदी सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

इतिहास की नज़ाकत

सोनिया ने जस्टिस मुरलीधर के पिछले कार्यों का भी जिक्र किया, जिनका तबादला उस समय हुआ, जब उन्होंने BJP नेताओं की विवादित टिप्पणियों पर सवाल उठाए थे। उनका कहना है कि भारत को हमेशा उपनिवेशवाद के खिलाफ एक मजबूत आवाज के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन आज यह उदासीन दिखाई दे रहा है।

अमेरिकी समर्थन का असर

सोनिया ने इजराइल के युद्ध अपराधों पर अमेरिका के समर्थन का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अमेरिका की विवादास्पद नीतियों के कारण इजराइल को अपनी सैन्य कार्रवाइयां जारी रखने का मौका मिल रहा है। अन्य देशों का जमीर जाग चुका है और इजराइल के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है।

 UN रिपोर्ट का हवाला

सोनिया गांधी ने अपने लेख में गाजा में बच्चों की स्थिति को लेकर दिल दहला देने वाले तथ्यों का जिक्र किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र (UN) के स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की जून 2026 की रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसकी अगुआई भारत के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एस. मुरलीधर कर रहे हैं। इस 94 पन्नों की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल गाजा में फिलिस्तीनियों के अस्तित्व को खत्म करने के इरादे से बच्चों को सुनियोजित रणनीति के तहत निशाना बना रहा है।

हताहतों के भयावह आंकड़े

गाजा में अब तक 20,000 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है और 44,000 से अधिक बच्चे घायल या हमेशा के लिए विकलांग हो चुके हैं, जो कुल हताहतों का लगभग 27% है। गाजा के 97% स्कूल और बच्चों के अस्पतालों सहित पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था नष्ट कर दी गई है। इसके कारण वहां गर्भपात और प्रसव संबंधी जटिलताओं में 300% की वृद्धि दर्ज की गई है।

दर्दनाक कहानियाँ

सोनिया ने पांच वर्षीय फिलिस्तीनी बच्ची हिंद रजब की कहानी बताई, जिसकी कार पर इजराइली सैनिकों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई और जो गाजा में अपने परिवार के साथ आने-जाने में मारी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना पर बनी फिल्म की भारत में रिलीज को कई महीनों तक रोका गया था। हिंद की कहानी ने गाजा की त्रासदी को बयां किया है। इस हादसे ने दिखाया कि बच्चों को भी जबर्दस्त खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

भारत की बदलती प्राथमिकताएँ

सोनिया ने कहा कि भारत दुनिया से दूर होते हुए इजराइल के और करीब जा रहा है। उन्होंने मोदी की इजराइल यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ऐसे समय पर हुई जब इजराइल ने ईरान पर हमला किया था। यह एक संजीदा रणनीतिक गलती हो सकती है, जिसके नतीजे गंभीर हो सकते हैं।

विदेश नीति और चुप्पी पर उठाए सवाल

सोनिया गांधी ने भारत सरकार की विदेश नीति पर कड़ा प्रहार करते हुए पारंपरिक नीति से भटकाव के आरोप लगाए। भारत ऐतिहासिक रूप से फिलिस्तीन के अधिकारों का समर्थक रहा है। वर्तमान सरकार इस संतुलित रुख से हटकर पूरी तरह इजराइल के रणनीतिक प्रभाव में आ चुकी है।

रणनीतिक नुकसान

भारत ने फिलिस्तीन, ईरान और पश्चिम एशिया के अपने पुराने और भरोसेमंद सहयोगियों को खुद से दूर कर लिया है। बदले में देश को सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू की व्यक्तिगत दोस्ती मिली है। दुनिया के कई देश और अंतरराष्ट्रीय निकाय इजराइल की सैन्य कार्रवाई से दूरी बना रहे हैं, जबकि भारत इसके विपरीत रुख अपना रहा है।

पाकिस्तान का फायदा

उनका कहना था कि भारत की चुप्पी का फायदा पाकिस्तान ने उठाया है, जिसने खुद को मध्यस्थ के रूप में दिखाने की कोशिश की है। ऐतिहासिक संबंधों के कारण यह भूमिका स्वाभाविक रूप से भारत को मिलनी चाहिए थी। भारतीय नेता नहीं चाहते कि भारत अपने नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय हितों से समझौता करे।

सभी बच्चों की आवाज उठानी होगी

सोनिया ने कहा कि भारतीय राष्ट्र की भावना मांग करती है कि भारत गाजा में बच्चों के खिलाफ हो रहे अपराधों के खिलाफ आवाज उठाए। उन्होंने इस पर जोर दिया कि यह जरूरी है कि भारत फिलिस्तीनी परिवारों के प्रति सहानुभूति रखे और उनकी पुकार सुने।

भाजपा (BJP) की प्रतिक्रिया

सोनिया गांधी के इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर विदेश नीति के मामलों में भी ‘वोट बैंक की राजनीति’ करने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस गाजा के मुस्लिमों के लिए आवाज उठा रही है और राफा पर ट्वीट करती है, लेकिन ढाका (बांग्लादेश) में हिंदुओं पर होने वाले अत्याचारों पर चुप रहती है। सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत ने हमेशा संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंचों पर युद्धविराम और मानवीय सहायता के लिए मतदान किया है तथा गाजा के लोगों को निरंतर मानवीय सहायता भेजी है।

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