राजस्थान में प्रशासनिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है: 1989 बैच के आईएएस अधिकारी वी. श्रीनिवास को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। यह फैसला राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए आदेशों के बाद लिया गया है, और श्रीनिवास 17 नवंबर से इस पद का कार्यभार ग्रहण कर रहे है।
यह नियुक्ति उस समय हुई है, जब सुधांश पंत, जो अभी तक मुख्य सचिव के पद पर थे, को केंद्र सरकार में नई जिम्मेदारी दी गई है। पंत को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में सचिव के रूप में तैनात किया गया है, और वे 30 नवंबर से अपनी नई भूमिका संभालेंगे। इससे पहले उन्हें कैबिनेट सचिवालय में Officer on Special Duty (OSD) बनाया गया था।
तिहरी बड़ी नियुक्ति, ब्यूरोक्रेसी में हो सकता है बड़ा बदलाव
श्रीनिवास की नियुक्ति को राजस्थान प्रशासन में व्यापक फेरबदल की शुरुआत माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह तीसरी बड़ी तैनाती है, जिसमें दिल्ली से एक वरिष्ठ अधिकारी को राजस्थान भेजा गया है। इसे राजस्थान की कार्यप्रणाली में नई direction देने का संकेत कहा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में सरकार की प्रशासनिक संरचना में बड़े बदलाव हो सकते हैं।
श्रीनिवास का केंद्र में अनुभव
वी. श्रीनिवास पिछले सात सालों से केंद्र सरकार में डेपुटेशन पर तैनात थे। वे केंद्रीय प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत, पेंशन और पेंशनर्स कल्याण विभाग में सचिव रहे हैं। इस अनुभव को देखते हुए उन्हें अब वापस राजस्थान बुलाया गया है, और कहा जा रहा है कि वे सितंबर 2026 तक मुख्य सचिव पद पर अपनी सेवाएं देंगे।
वरिष्ठता और भविष्य की प्रशासनिक तस्वीर
वरिष्ठता के मुताबिक, श्रीनिवास 1989 बैच में सुबोध अग्रवाल के बाद दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। सुबोध अग्रवाल (1988 बैच) दिसंबर में रिटायर होंगे, और फिलहाल वे RFC (रेगुलेटरी फाइनेंस कंपनी) के अध्यक्ष पद पर हैं। दिसंबर के बाद सचिवालय में उनसे वरिष्ठ कोई अधिकारी नहीं बचेगा — यह राजस्थान के प्रशासनिक दायरे में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है।
साथ ही, यह भी गौर करने वाली बात है कि प्रशासनिक परंपरा के मुताबिक मुख्य सचिव से वरिष्ठ अधिकारी को सचिवालय में तैनात नहीं किया जाता है। परंतु श्रीनिवास की नियुक्ति के बाद दिसंबर से यह नियम और परंपरा बदल सकती है, क्योंकि अब सचिवालय में उनके से ऊपर वरिष्ठ कोई अधिकारी नहीं रहेगा।
नतीजा और प्रतिक्रिया
यह बड़ा प्रशासनिक बदलाव राजस्थान सरकार की प्रगति रणनीति, प्रबंधन दक्षता और गुड गवर्नेंस की दिशा में एक सशक्त संकेत माना जा रहा है। राज्य में विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए, श्रीनिवास के अनुभव और नेतृत्व को अहम बताया जा रहा है।
कुल मिलाकर, वी. श्रीनिवास की तैनाती न सिर्फ प्रशासन में नए ऊर्जा का स्रोत है, बल्कि यह राजस्थान में दीर्घकालीन शासन-संरचना में व्यावहारिक बदलाव की शुरुआत भी हो सकती है।
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