NIA ने दबोची बांग्लादेशी आतंकी संगठन JMB की नस, खुली पूरी कुंडली

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NIA ने पकड़ी नस, जड़ से खत्म होगा JMB- जानें बांग्लादेश के इस आतंकी संगठन की पूरी कुंडली

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भारत में सक्रिय बांग्लादेशी आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (JMB) के नए और खतरनाक धड़े ‘इमाम महमूदर कफीला’ (IMK) के नेटवर्क पर बड़ी चोट की है। जून 2026 में एनआईए ने इस मॉड्यूल से जुड़े 11 आतंकियों के खिलाफ गुवाहाटी की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है, जो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और बड़े हमले की साजिश रच रहे थे।

भारत में जमात-उल-मुजाहिद्दीन का बढ़ता खतरा

बांग्लादेश का कुख्यात आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन (JMB) ने भारत के कुछ राज्यों में अपना जाल फैला रखा है, जिसमें खासतौर पर पश्चिम बंगाल और असम शामिल हैं। इस संगठन का नाम 2014 में बर्दवान बम धमाके और 2018 में बोधगया बम धमाके के मामले में उभरा था। हाल में, NIA ने गुहावटी के स्पेशल कोर्ट में 11 आतंकियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में आरोपियों पर कई गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं।

छिपे हुए आतंक का नेटवर्क

NIA की जांच में पता चला है कि ये आतंकवादी जमात-उल-मुजाहिद्दीन के ब्रांच ‘इमाम महमूदर कफीला’ (IMK) से जुड़े हुए थे। ये लोग गुप्त बैठकों, चरमपंथी विचारधारा को फैलाने और भारतविरोधी प्रचार के लिए डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करते थे। IMK के माध्यम से, ये पूर्वोत्तर राज्यों में अस्थिरता फैलाने का काम कर रहे थे।

आत्मगामी विचारधारा का उद्देश्य

जमात-उल-मुजाहिद्दीन का उद्देश्य शरीयत आधारित इस्लामी शासन स्थापित करना है। इसकी स्थापना बांग्लादेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करने के लिए की गई थी। यह संगठन सलाफी विचारधारा से प्रेरित है और इसके संस्थापक शेख अब्दुर रहमान और सिद्दीकुल इस्लाम थे। सिद्दीकुल इस्लाम को बांग्ला भाई के नाम से भी जाना जाता है।

NIA की बड़ी कार्रवाई- गुवाहाटी में चार्जशीट

NIA ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन JMB की सहयोगी शाखा ‘इमाम महमूदर कफीला’ (IMK) के 11 मुख्य आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और यूएपीए (UAPA), 1967 के तहत मामला दर्ज किया है। JMB के वरिष्ठ सदस्य इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने भारतीय जमीन पर नफरत फैलाने के लिए इस विशेष शाखा (IMK) का गठन किया था।

डिजिटल जिहाद

असम में इस नेटवर्क को संभालने वाले नसीमउद्दीन और त्रिपुरा में कमान संभाल रहे जागीर मियां को एनआईए ने इस नेटवर्क के मुख्य चेहरों के रूप में बेनकाब किया है। पकड़े गए आतंकी गुप्त बैठकों, भड़काऊ धार्मिक कार्यक्रमों और एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश कर रहे थे।

बांग्लादेश में आतंक की शुरुआत

इसके पहले, जमात-उल-मुजाहिद्दीन ने बांग्लादेश के 64 जिलों में 500 धमाके किए थे। ये सभी धमाके महज 30 मिनट के अंदर किए गए थे। बाद में, बांग्लादेशी सरकार ने इस संगठन को फरवरी 2005 में प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि, भारत में इसे 2005 में एंट्री मिली, जिस दौरान इसकी गतिविधियाँ भी तेज़ हुईं।

JMB की पूरी कुंडली

जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश (JMB) एक बेहद कट्टरपंथी और खतरनाक सुन्नी जिहादी संगठन है। इसका गठन साल 1998 में बांग्लादेश के दिनाजपुर में शेख अब्दुर रहमान द्वारा किया गया था। इस संगठन का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकना और बांग्लादेश व भारतीय उपमहाद्वीप में शरिया कानून आधारित खिलाफत स्थापित करना है। सिद्दीकुल इस्लाम ने 2005 में बंगाल में जमात-उल-मुजाहिद्दीन का पहला संगठन स्थापित किया। इसके बाद, इस संगठन ने धीरे-धीरे नदिया, बीरभूम और अन्य जिलों में फैलना शुरू किया।

2005 के सिलसिलेवार धमाके

अगस्त 2005 में JMB ने बांग्लादेश के 64 में से 63 जिलों में आधे घंटे के भीतर 500 छोटे बम धमाके कर अपनी क्रूर ताकत का अहसास कराया था। इन धमाकों के बाद बांग्लादेश सरकार ने इस पर कड़ा प्रतिबंध लगाया और 2007 में इसके शीर्ष नेतृत्व (शेख अब्दुर रहमान सहित 6 कमांडरों) को फांसी दे दी गई।

ISIS से जुड़ाव और फंडिंग के स्रोत

जमात-उल-मुजाहिदीन का एक धड़ा ISIS से भी प्रभावित बताया जाता है। इसके फंडिंग के स्रोतों में डकैती, तस्करी और हवाला नेटवर्क शामिल हैं। इसके अलावा, इसे विभिन्न कट्टरपंथी संगठनों द्वारा भी सपोर्ट मिलता है। NIA की जांच में खुलासा हुआ है कि  यह संगठन अब उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और असम जैसे राज्यों में अपनी पहुंच बना चुका है।

सीमावर्ती मदरसा नेटवर्क का दुरुपयोग

गृह मंत्रालय (MHA) के इनपुट्स के अनुसार, यह संगठन सीमा के पास स्थित कुछ मदरसों और धार्मिक केंद्रों को अपना हिडन शेल्टर (ठिकाना) और भर्ती केंद्र बनाता है। बांग्लादेशी घुसपैठियों के रूप में भारत में प्रवेश कर ये लोग देश के अलग-अलग राज्यों (जैसे केरल, कर्नाटक) में निर्माण श्रमिक या अन्य कामगार बनकर स्लीपर सेल की तरह रहते हैं। यह संगठन म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के प्रति सहानुभूति का नाटक रचकर भारतीय युवाओं को भारत और बौद्ध नागरिकों के खिलाफ भड़काने की साजिश रचता है।

भारत में सुरक्षा की चुनौती

भारत सरकार ने 23 मई 2019 को JMB को गैरकानूनी और आतंकवादी संगठन घोषित किया था। इस कदम का कारण बर्दवान और बोधगया में हुए बम धमाके थे, जिसमें JMB का नाम सामने आया था। हाल के सालों में NIA, ATS और STF ने इस संगठन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है और कई गिरफ्तारियाँ की हैं। NIA की ताजा कार्रवाई ने जेएमबी (JMB) के उस नए मंसूबे को पूरी तरह तोड़ दिया है, जो उत्तर-पूर्व (Northeast) और बंगाल को ‘इमाम महमूदर कफीला’ के जरिए दोबारा दहलाने की कोशिश में था।

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