महाराष्ट्र में खेती होगी हाईटेक! सीएम बोले अब सिर्फ पानी नहीं, डेटा और AI से चलेगी खेती

The CSR Journal Magazine
Devendra Fadnavis ने खरीफ सीजन 2026 को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि महाराष्ट्र अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर AI, ड्रोन और डिजिटल टेक्नोलॉजी आधारित आधुनिक कृषि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जलयुक्त शिवार अभियान (Maharashtra Jalyukt Shivar) के काम तेजी से पूरा करने और किसानों तक समय पर बीज, उर्वरक और फसल ऋण पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मुंबई में आयोजित राज्यस्तरीय खरीफ सीजन समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल एल नीनो, बदलते मौसम और अंतरराष्ट्रीय उर्वरक संकट के कारण खरीफ सीजन चुनौतीपूर्ण रह सकता है।

राज्य में बीज और उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि राज्य में पर्याप्त बीज भंडार उपलब्ध है। सरकार ने खरीफ सीजन के लिए पहले से तैयारी कर ली है। कपास की बढ़ती कीमतों को देखते हुए इस बार Cotton Farming बढ़ने की संभावना भी जताई गई है। बैठक में मौजूद Dattatray Bharne ने बताया कि इस साल लगभग 20.16 लाख क्विंटल बीजों की जरूरत होगी, जबकि राज्य में 28 लाख क्विंटल से ज्यादा बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।

किसानों को समय पर मिलेगा लोन

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बैंकों को निर्देश दिए कि किसानों को Crop Loan देने में किसी तरह की देरी न हो। उन्होंने कहा कि कई बार CIBIL Score जैसी शर्तों के कारण किसानों को परेशानी होती है, जिसे दूर करने की जरूरत है। सरकार ज्यादा से ज्यादा किसानों को ऋण व्यवस्था में शामिल करने पर जोर दे रही है ताकि खरीफ सीजन प्रभावित न हो।

जलयुक्त शिवार अभियान को मिलेगा रफ्तार

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जलसंवर्धन और सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश में संभावित अंतराल को देखते हुए पानी का संरक्षण बेहद जरूरी है। राज्य सरकार का दावा है कि 2022 से अब तक 41 सिंचाई परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिससे 105 टीएमसी जलसंचय क्षमता तैयार हुई है।

अब AI और ड्रोन बताएंगे खेती का तरीका

महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है जिसने Agriculture AI Policy, Generative AI और AgriStack जैसी तकनीकों को बड़े स्तर पर लागू किया है। सरकार के Mahavistar AI प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 40 लाख किसानों तक मौसम, बाजार भाव, उर्वरक मात्रा, फसल सलाह और कीट नियंत्रण की जानकारी पहुंचाई जा रही है। बैठक में Mahavistar 2.0 ऐप भी लॉन्च किया गया। इस ऐप में किसानों को मौसम पूर्वानुमान, बाजार भाव, फसल सलाह, कीट रोग पहचान और AI Chatbot जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा CropSAP 2.0 और MahaTrace जैसी नई डिजिटल पहल भी शुरू की गई हैं, जिनसे फसलों की ट्रैकिंग और Export Quality Monitoring आसान होगी।

महाराष्ट्र बना कृषि निर्यात का सुपर पावर

मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के कृषि निर्यात में महाराष्ट्र का बड़ा योगदान है। अंगूर निर्यात में राज्य की हिस्सेदारी 94 प्रतिशत, आम में 73 प्रतिशत और प्याज में 85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। सरकार का कहना है कि AI, QR Code और Blockchain Technology के जरिए महाराष्ट्र के कृषि उत्पादों को Global Branding मिलेगी। राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए 4746 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की है। वहीं पीएम किसान और नमो शेतकरी योजना के तहत अब तक 55 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि किसानों को दी जा चुकी है। सरकार ने यह भी साफ किया कि किसान ऋणमाफी प्रक्रिया 30 जून से पहले पूरी कर ली जाएगी।
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