PAK कनेक्शन और धर्म परिवर्तन: जयपुर में जैश से जुड़ी महिला गिरफ्तार, फोन से खुले क्या-क्या राज?

The CSR Journal Magazine
जयपुर में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है, जो आतंकवाद के मामले में संदिग्ध मानी जा रही है। यह गिरफ्तारी ‘गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम’ (UAPA) के तहत की गई है। एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) के पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि महिला का नाम बबीता धाकड़ है, और उसे ‘खदीजा’ के नाम से भी जाना जाता है। बबीता का संबंध पाकिस्तान के आतंकी संगठन ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के एक स्लीपर सेल से बताया जा रहा है। इस गिरफ्तारी से राज्य में आतंकवाद के खिलाफ दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

डिजिटल डेटा का डिलीट होना संदिग्ध

गिरफ्तारी के समय बबीता ने अपनी डिजिटल जानकारी को डिलीट कर दिया था। पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी महिला अभी 7 दिन की पुलिस रिमांड पर है। महिला की गिरफ्तारी खुफिया जानकारी मिलने पर की गई। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि उसने अपने मोबाइल फोन से कई संवेदनशील चीजें डिलीट कर दी थीं।

पाकिस्तानी नंबर और विदेशी संपर्क

बबीता के मोबाइल फोन की जांच में 2 सिम कार्ड और एक फेसबुक अकाउंट मिला है। प्रारंभिक जांच से यह भी पता चला है कि उसके फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में कई ऐसे लोग शामिल थे, जो जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के समर्थक हैं। अतिरिक्त जानकारी के अनुसार, उसके व्हाट्सएप पर कई पाकिस्तानी नंबरों के साथ बातचीत भी पाई गई है।

धर्म परिवर्तन का आरोप

सूत्रों के अनुसार, एक मौलवी ने फोन पर बबीता का धर्म परिवर्तन कराया। जांचकर्ताओं का यह भी आरोप है कि वह पाकिस्तान जाने का प्लान बना रही थी, और उसके लिए नेपाल, सऊदी अरब या यूएई के रास्ते यात्राओं की तैयारी की जा रही थी। ऐसे में यह चिंता का विषय है कि बबीता को दूसरे देशों में भेजने की तैयारी की जा रही थी।

पुलिस की नजरें पिछले मामलों पर

महिला का नाम कई पुराने आतंकी मामलों में भी सामने आया है, जिनमें इंडियन एयरलाइंस का फ्लाइट 814 का अपहरण शामिल है। इसके अलावा, महिला 2016 में जम्मू में भारतीय सेना के कैंप पर हुए हमले में भी वांछित है। यह हमला जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर कारी ज़रार ने करवाया था, जिसमें कई जवान शहीद हुए थे।

जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर

एटीएस के पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जांच का यह चरण अभी शुरूआती है। सभी सबूत डिजिटल रूप में हैं और इस मामले का आगे की जांच अपेक्षित है। बबीता पर लगे आरोप गंभीर हैं, और यह संभव है कि उसे कट्टरपंथी बनाया गया हो। पुलिस ने यह भी कहा है कि बबीता ने अपने काम करने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल किया है, जिसे जांच के दौरान स्पष्ट किया जाएगा।

फोरेंसिक एक्सपर्ट्स का भी सहयोग

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बबीता ने जांच में बाधा डालने के लिए अपना डिजिटल डेटा डिलीट किया था, लेकिन फोरेंसिक एक्सपर्ट्स इसकी रिकवरी के लिए काम कर रहे हैं। महिला के हैंडलर्स और अन्य भागीदारों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है ताकि जैश-ए-मोहम्मद के नेटवर्क का

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