न बैंक, न UPI… फिर भी करोड़ों का कारोबार: मुंबई का यह बाजार कैसे चलाता है अपना गुप्त सिस्टम?

The CSR Journal Magazine
जब सभी एक डिजिटल युग की ओर बढ़ रहे हैं, तब मुंबई का जावेरी बाजार एक अनोखे तरीके से कारोबार कर रहा है। यहाँ सोना, हीरे और कैश का व्यापार बिना किसी बैंक या ऐप का सहारा लिए होता है। इस बाजार में करोड़ों रुपये का लेन-देन सिर्फ विश्वास और 10 रुपये के नोट से होता है।

विश्वास का व्यापार

जावेरी बाजार में काम करने वाले लोग “आंगड़िया” प्रणाली के तहत काम करते हैं। ये लोग बिना किसी सरकारी या बैंक के माध्यम से पैसों का लेन-देन करते हैं। यह प्रणाली पूरी तरह से भरोसे पर आधारित है। आंगड़िया लोग साधारण नोट के जरिए बड़ी रकम की अदला-बदली करते हैं।

कैसे काम करता है आंगड़िया सिस्टम?

इस प्रणाली में, एक व्यक्ति अपने पैसे बल्कि सोने या हीरे को आंगड़िया को सौंपता है। आंगड़िया फिर उन चीजों को ग्राहक तक पहुँचाता है। यह सब कुछ बिना किसी रसीद या टैक्स के होता है। यहाँ का व्यापार पूरी तरह से मौखिक समझौते पर टिके होता है।

कैश और जौहरी की दुनिया

जावेरी बाजार में जौहरी अपनी खुद की नेटवर्किंग के माध्यम से काम करते हैं। एक जौहरी के पास जो भी माल है, उसे आंगड़िया के माध्यम से बेचा जाता है। ग्राहक से पैसे लेते समय भी ये लोग किसी ऐप या बैंक का प्रयोग नहीं करते।

डिजिटल ट्रांजैक्शन का क्या?

प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इतनी तरक्की के बावजूद, जावेरी बाजार का ये सिस्टम आज भी बेहद सफल है। यहाँ पर लोग डिजिटल भुगतान के बजाय पहले से चले आ रहे पारंपरिक तरीकों पर भरोसा करते हैं। बात यह है कि जावेरी बाजार में विश्वास की इस प्रणाली ने सभी पहलुओं को मजबूती दी है।

क्या है इसका असर?

इस तरह के व्यापार का एक बड़ा फायद यह है कि यहाँ पर टैक्सेज नहीं लगते। इससे जौहरी अपने ग्राहक को कम दाम पर सामान बेच सकते हैं। क्योंकि यहाँ पर कोई बिचौलिए नहीं होते, ग्राहक सीधे जौहरी से खरीदारी करते हैं।

आर्थिक प्रभाव

जावेरी बाजार में आंगड़िया प्रणाली ने आर्थिक प्रभाव भी डाला है। इस प्रणाली के जरिए बिना किसी औपचारिकता के करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। यहाँ के लोग आज भी इस अनूठी प्रणाली का लाभ उठा रहे हैं।

भविष्य की संभावनाएँ

हालाँकि इस प्रणाली की अपनी सीमाएँ हैं, लेकिन जावेरी बाजार का यह अनोखा तरीका आज भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। देखते हैं कि क्या यह प्रणाली भविष्य में भी इसी तरह काम करेगी या तकनीकी परिवर्तन इसे प्रभावित करेगा।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos