4 साल की ग्रेजुएशन के बाद सीधे PhD का रास्ता साफ: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने बदले नियम, छात्रों के लिए कई बड़े ऐलान

The CSR Journal Magazine
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने शोध के क्षेत्र में प्रवेश की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय की 1027वीं अकादमिक काउंसिल की बैठक में यह फैसला लिया गया कि अब चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) पूरा करने वाले छात्र बिना मास्टर डिग्री किए सीधे PhD में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। यह बदलाव रिसर्च, इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप काउंसिल (RIEC) की सिफारिशों के आधार पर किया गया है। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा में लागू नए सुधारों के अनुरूप शोध प्रणाली को अधिक लचीला और प्रभावी बनाना है।

आरक्षण नीति को लेकर उठे सवाल

हालांकि इस प्रस्ताव पर अकादमिक काउंसिल के सभी सदस्य सहमत नहीं थे। परिषद की सदस्य माया जॉन और लतिका गुप्ता ने इस बदलाव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि चार वर्षीय ग्रेजुएशन के बाद सीधे PhD में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए आरक्षण नीति को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं। उनका कहना था कि इन छात्रों को मास्टर्स या पूर्व MPhil अभ्यर्थियों की श्रेणी में शामिल करने से पहले अलग से नियम तय किए जाने चाहिए, ताकि प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की अस्पष्टता न रहे।

नॉन-JRF रिसर्च स्कॉलर्स के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने की मांग

बैठक के दौरान नॉन-JRF रिसर्च स्कॉलर्स को मिलने वाली फेलोशिप पर भी चर्चा हुई। कुछ सदस्यों ने विश्वविद्यालय की उस व्यवस्था पर सवाल उठाए, जिसके तहत प्रत्येक विभाग में संस्थान की ओर से फंडेड नॉन-JRF फेलोशिप केवल सीमित संख्या में दी जाती है। उनका मानना है कि इस कारण कई योग्य पूर्णकालिक शोधार्थी आर्थिक सहायता से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय से सभी पात्र नॉन-JRF PhD छात्रों को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की।

SOL का बदला नाम, प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव

अकादमिक काउंसिल ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के 2022 के नियमों के अनुरूप स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) का नाम बदलकर ‘सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE)’ करने को मंजूरी दी। इसके साथ ही संस्थान के प्रशासनिक प्रमुख का पदनाम भी ‘प्रिंसिपल’ से बदलकर ‘डायरेक्टर’ कर दिया गया है। यह बदलाव दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अरुण जेटली स्कॉलरशिप को भी मिली मंजूरी

बैठक में अंडरग्रेजुएट खिलाड़ियों के लिए ‘स्वर्गीय श्री अरुण जेटली’ स्कॉलरशिप योजना को भी स्वीकृति दी गई। 10 लाख रुपये के फंड से संचालित इस योजना के तहत अगले 20 वर्षों तक हर साल तीन छात्रों को 50,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इनमें कम से कम एक छात्रवृत्ति महिला खिलाड़ी के लिए आरक्षित रहेगी।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos