बीकानेर में मरुस्थल से उठी रेत की सुनामी, धूल के भीषण बवंडर से दिन में छाई काली रात

The CSR Journal Magazine

बीकानेर में धूल का बवंडर: दिन में हो गई रात, वाहनों की गति थमी

राजस्थान के सीमावर्ती जिले बीकानेर और आसपास के मरुस्थलीय इलाकों में शनिवार दोपहर प्रकृति का एक बेहद डरावना और रौद्र रूप देखने को मिला। दोपहर करीब 3:00 बजे अचानक आसमान में धूल का एक विशालकाय और गगनचुंबी बवंडर (Dust Storm) उठा, जिसने देखते ही देखते पूरे बीकानेर शहर और ग्रामीण अंचलों को अपनी आगोश में ले लिया। मरुस्थल से उठी रेत की इस सुनामी ने कुछ ही मिनटों में दिन के उजाले को घने अंधेरे में बदल दिया, जिससे ऐसा प्रतीत होने लगा मानो दिन में ही रात हो गई हो। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस रेतीले तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा से भी अधिक मापी गई है। इस अचानक आई प्राकृतिक आपदा से समूचे क्षेत्र में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया और भारी तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं।

विजिबिलिटी हुई शून्य, थम गई वाहनों की रफ्तार

तूफान का असर इतना तीव्र था कि समूचे बीकानेर संभाग में दृश्यता (Visibility) घटकर बिल्कुल शून्य हो गई। सड़कों पर चल रहे वाहनों की गति पूरी तरह से थम गई。 राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) और शहर की मुख्य सड़कों पर जो जहां था, वहीं रुकने को मजबूर हो गया। अचानक छाए घने अंधेरे के कारण वाहन चालकों को दोपहर में ही अपने वाहनों की हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स ऑन करनी पड़ीं, फिर भी कुछ मीटर दूर का देख पाना नामुमकिन साबित हो रहा था। स्थिति को भांपते हुए प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे मौसम साफ होने तक सुरक्षित स्थानों या होटलों/ढाबों पर ही रुकें।

तबाही का मंजर: बिजली गुल, गिरे पेड़ और टीन-टप्पर

इस भीषण बवंडर ने बीकानेर के महाजन, छत्तरगढ़, श्रीडूंगरगढ़ और लूंकरणसर सहित ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई है। 100 किमी/घंटा की तूफानी हवाओं के कारण सैकड़ों बिजली के खंभे और विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़कों पर आ गिरे, जिससे पूरे जिले की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। कई घरों और दुकानों के आगे लगे टीन-टप्पर और लोहे के बड़े-बड़े होर्डिंग्स हवा में तिनके की तरह उड़ गए। गनीमत यह रही कि अधिकांश लोग समय रहते घरों और पक्के मकानों के अंदर चले गए, जिससे बड़ी जनहानि टल गई, हालांकि कई संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं।

मौसम बदलने की मुख्य वजह और ओलावृष्टि

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, वर्तमान में एक बेहद सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव और राजस्थान में भीषण गर्मी के कारण बनी संवहन गतिविधियों (Convection Activities) की वजह से वातावरण में यह अचानक तीव्र अस्थिरता पैदा हुई है। इस वायुदाब के बड़े बदलाव के चलते बीकानेर संभाग से शुरू हुआ यह तूफान अब जोधपुर, जयपुर, अजमेर और श्रीगंगानगर की तरफ आगे बढ़ रहा है। इस बवंडर के तुरंत बाद बीकानेर के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) भी दर्ज की गई, जिससे तापमान में अचानक भारी गिरावट आई है।

प्रशासन की एडवायजरी और सुरक्षा निर्देश

बीकानेर जिला प्रशासन और मौसम केंद्र ने आपदा को देखते हुए आमजन के लिए तत्काल सुरक्षा एडवायजरी जारी की है
घरों के अंदर रहें: लोग मौसम सामान्य होने तक किसी भी परिस्थिति में खुले आसमान के नीचे या कच्चे मकानों में न रुकें और पक्की इमारतों में शरण लें।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी: बिजली कड़कने और आंधी के दौरान घरों के मुख्य पावर स्विच बंद कर दें और बिजली के खंभों व पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
स्वास्थ्य का ध्यान: धूल के इस गुबार के कारण सांस और अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने, मास्क का उपयोग करने तथा आंखों को बार-बार साफ पानी से धोने की सलाह दी गई है।
क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन मुस्तैद है और सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाकर यातायात बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मौसम में बदलाव के संकेत

यह धूल भरी आंधी उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम के बदलाव का हिस्सा मानी जा रही है। पिछले कुछ दिनों से बीकानेर समेत कई इलाकों में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा था। इस गर्मी के बाद अचानक से आंधी और हल्की बारिश ने मौसम को थोड़ी राहत दी है। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में मानसून आने से पहले इस तरह की धूल भरी आंधियाँ चलना आम बात है।

बारिश के साथ आई धूल भरी आंधी

कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ साथ धूल भरी आंधी ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है। हालांकि, इस आंधी के चलते कई लोग परेशान भी हुए हैं। लोग अपनी सुरक्षा के लिए घरों में ही रहने को मजबूर हैं। विभाग ने भविष्यवाणी की है कि आगे भी ऐसा ही मौसम देखने को मिल सकता है।

मनोरंजन नहीं, सावधानी बरतें

इस धूल भरे बवंडर ने केवल सड़क पर वाहन चलाने वालों को ही नहीं, बल्कि आम जन जीवन को भी प्रभावित किया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे इस मौसम में बाहर निकलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। धूल भरे वातावरण से स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

बीकानेर के निवासियों ने कहा कि इस तरह की धूल भरी आंधियाँ उनके लिए नई नहीं हैं। लेकिन जब ऐसी आंधी अचानक आती है, तो वह चिंता पैदा करती है। लोगों ने यह भी कहा कि इस तरह के मौसम में राहत भी महसूस होती है, क्योंकि गर्मी से निजात मिलती है।

मौसम विभाग की बातें

मौसम विभाग के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह धूल भरी आंधी मौसम परिवर्तन का संकेत है। मानसून आने से पहले हवा में नमी बढ़ने और तापमान में गिरावट की संभावना है। विभाग ने लोगों से कहा है कि वे मौसम के अनुसार तैयार रहें और आवश्यक सावधानियाँ बरतें।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos