‘मुझे स्कूल भेजिए…’ 15 साल के लड़के ने SP ऑफिस में की माता-पिता के खिलाफ शिकायत

The CSR Journal Magazine
आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले से एक दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है, जहां 15 वर्षीय साकेत ने अपने गोद लेने वाले और जैविक माता-पिता दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उसने आरोप लगाया कि उसे पढ़ाई जारी रखने के लिए बेसहारा छोड़ दिया गया है। इस घटना के बाद से पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और गोद लेने के दस्तावेजों की भी पुष्टि की जा रही है। साकेत अपनी शिक्षा पूरी करना चाहता है और इसके लिए उसने न्याय की गुहार लगाई है।

पुलिस अधिकारी भी हुए भावुक

गुंटूर जिले के पुलिस कार्यालय में आयोजित जन सुनवाई के दौरान, साकेत ने अपने परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि वह पिछले कुछ सालों से अपने दत्तक माता-पिता की उपेक्षा का शिकार हो रहा है। उसकी भावनाओं को सुनकर वहां मौजूद पुलिस अधिकारी भी भावुक हो गए।

गोद लिए जाने की प्रक्रिया

साकेत ने बताया कि जब वह मात्र एक साल का था, तब उसे उसके चाचा सुरेश और चाची मीना ने गोद लिया था। दंपति के पास पहले से दो बेटियां थीं और बेटे की चाह में उन्होंने साकेत को गोद लिया। किशोर ने इसके संबंध में सभी आवश्यक दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं। उसकी जैविक माता-पिता की पहचान भी है, जिनके दो और बेटे हैं।

नकारात्मक वातावरण का प्रभाव

साकेत ने आरोप लगाया कि उसके दत्तक माता-पिता ने पिछले सात वर्षों से उसकी उचित देखभाल नहीं की। इस उपेक्षा के कारण वह गलत संगत में पड़ गया और कुछ बुरी आदतों का शिकार हो गया। हालात और बिगड़ते गए और अंत में उसे घर से निकाल दिया गया। जब उसने वापसी की कोशिश की, तो दत्तक माता-पिता ने फिर से उसे अपनाने से मना कर दिया।

आर्थिक समस्याओं के बीच पढ़ाई की चाह

साकेत ने बताया कि उसने अपने माता-पिता से भी मदद मांगी परंतु वे भी उस पर दया दिखाने को तैयार नहीं थे। अब वह छोटे-मोटे काम करके जीवन यापन कर रहा है, लेकिन उसकी सबसे बड़ी ख्वाहिश अपनी पढ़ाई को जारी रखना है।

एसपी कार्यालय में की शिकायत

साकेत ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से न्याय की मांग की है। उसने बताया कि पहले वह नल्लापाड़ु पुलिस थाने में भी शिकायत कर चुका है, पर उसके मामले पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब उसने एसपी से अपनी दत्तक माता-पिता के खिलाफ कार्रवाई करने और शिक्षा का अवसर दिलाने की अपील की है।

पुलिस की सक्रियता

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने गोद लेने से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने दोनों परिवारों के सदस्यों को बुलाकर काउंसलिंग कराने का भी निर्णय लिया है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद उचित प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। इस अनोखी शिकायत ने गुंटूर जिले में शिक्षा और बाल संरक्षण के मुद्दों पर चर्चा छेड़ दी है।

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