West Bengal में चंद्रनाथ रथ की हत्या: UPI पेमेंट से पकड़े गए तीन शूटर

The CSR Journal Magazine
पश्चिम बंगाल में चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद पुलिस ने तीन शूटर्स को पकड़ा है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी एक UPI पेमेंट की वजह से हुई, जिसने CID को महत्वपूर्ण जानकारी देने में मदद की। ये डिजिटल ट्रैकिंग ने पुलिस को एक टोल बूथ पर पहुंचाया, जहां एक संदिग्ध ट्रांजेक्शन हुआ था। यह UPI पेमेंट एक तरह का डिजिटल फुटप्रिंट बन गया, जिससे आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली। 10 मई को मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें बिहार और उत्तर प्रदेश से हिरासत में लिया गया है।

रात के अंधेरे में हुआ हत्या का खेल

6 मई की रात को चंद्रनाथ रथ की हत्या उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हुई। पुलिस के अनुसार, उनकी SUV को उनके घर से लगभग 200 मीटर दूर रोका गया था। इस दौरान एक सिल्वर रंग की Nissan Micra कार ने उनकी गाड़ी के आगे आकर रास्ता रोका। जैसे ही गाड़ी रुकी, बाइक पर सवार दुश्मनों ने नजदीक से गोलीबारी शुरू कर दी। इस गोलीबारी में चंद्रनाथ गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी जान चली गई।

हमलावरों को थी चंद्रनाथ की जानकारी

पुलिस को शक है कि हमलावरों को चंद्रनाथ रथ की बैठने की जगह के बारे में सटीक जानकारी थी। यह पूरी तरह से एक सोची-समझी साजिश का प्रतीक है, जिसे पेशेवर रूप से अंजाम दिया गया। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के एक अधिकारी के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावरों को उनके टारगेट के बारे में पूरी जानकारी थी। ये शूटर अपने काम में काफी प्रोफेशनल थे, जिससे पुलिस को और ज्यादा चौंकाने वाले सबूत मिले हैं।

CCTV फुटेज ने खोला हत्या का राज

पुलिस ने बताया कि इस मामले में जांच दल एक टोल प्लाजा पर संदिग्ध डिजिटल पेमेंट को ट्रैक कर रहा था। इस पेमेंट से जुड़ी CCTV फुटेज का भी इस्तेमाल किया गया, ताकि इन तीनों आरोपियों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इस लेन-देन से हमलावरों के भागने के रास्ते के बारे में जानकारी हासिल करना संभव होगा। यह डिजिटल ट्रैकिंग भविष्य में ऐसे अपराधों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

बंगाल पुलिस की मुस्तैदी से मिली सफलता

बंगाल पुलिस ने उम्मीद जताई है कि इस तरह की तकनीकी मदद से भविष्य में भी अपराधियों को पकड़ने में आसानी होगी। CID के मुताबिक, UPI पेमेंट जैसी डिजिटल सुविधाएं अब अपराध जांच में एक नए पहलू को जोड़ रही हैं। इस मामले में जो छोटे-मोटे सुराग मिले हैं, वे बड़े अपराधों को सुलझाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। पुलिस की मुस्तैदी से फिलहाल तीनों शूटर जेल में हैं और उनके खिलाफ जांच जारी है।

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