उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में बुधवार का दिन किसी त्यौहार से कम नहीं था। हर लेबर वार्ड से एक ही संदेश गूंज रहा था बेटी आई है! मिशन शक्ति 5.0 के तहत मनाए गए ‘कन्या जन्मोत्सव’ (Kanya Janmotsav) ने पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल बना दिया। एक ही दिन में 500 से अधिक नवजात बालिकाओं का विधिवत पूजन कर माताओं का सम्मान किया गया। कन्याओं के स्वागत में अस्पतालों के स्टाफ, अधिकारियों और परिवारों ने गीत गाए, आरती उतारी और जन्म को उत्सव में बदल दिया।
कन्या जन्मोत्सव बना जन-आंदोलन
राजधानी लखनऊ से लेकर गोरखपुर, कानपुर, मेरठ, प्रयागराज, वाराणसी और बरेली तक, हर जिले में ‘कन्या जन्मोत्सव’ को लेकर विशेष तैयारियां की गईं। सरकारी अस्पतालों, CHC (Community Health Centres) और PHC (Primary Health Centres) को रंग-बिरंगी झालरों और गुब्बारों से सजाया गया था। जैसे ही किसी अस्पताल में बेटी का जन्म हुआ, स्टाफ ने आरती उतारी और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के नारे लगाए। इन नवजात बेटियों के स्वागत में परिवारों को शुभकामना कार्ड, वस्त्र, फल और पौष्टिक आहार के पैकेट उपहार स्वरूप दिए गए। यह आयोजन सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देने का माध्यम बना कि बेटी बोझ नहीं, आशीर्वाद है।
नवजात के नाम पर पौधारोपण, हर बेटी, एक पेड़
कन्या जन्मोत्सव के दौरान एक और अनोखी पहल देखने को मिली हर नवजात बेटी के नाम पर एक पौधा लगाया गया। यह संदेश दिया गया कि जैसे पेड़ धरती को जीवन देते हैं, वैसे ही बेटियां समाज को दिशा देती हैं। जिलाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्वयं अस्पताल परिसरों में पौधारोपण किया। Beti Bachao Beti Padhao Campaign
जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक, कन्या सुमंगला योजना का लाभ
कन्या जन्मोत्सव को योगी सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (Mukhyamantri Kanya Sumangala Yojana) से जोड़ा गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित माताओं को बताया कि इस योजना के तहत बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह चरणों में आर्थिक सहायता मिलती है। इस अवसर पर पात्र परिवारों का ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण (Online Registration) किया गया ताकि कोई भी बेटी इस लाभ से वंचित न रहे। माताओं को योजना की जानकारी के साथ-साथ ‘मिशन शक्ति हेल्पलाइन’ के नंबर भी दिए गए, जिससे वे किसी भी मदद के लिए सीधे संपर्क कर सकें।
हर बेटी में है नेतृत्व की ताकत – लीना जोहरी
महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा कि मिशन शक्ति का यही उद्देश्य है कि हर बेटी को यह विश्वास मिले कि वह केवल अपने सपनों तक सीमित न रहे, बल्कि उन्हें साकार करने की शक्ति भी उसके भीतर है। कन्या जन्मोत्सव बेटियों के आत्मविश्वास का उत्सव है। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति 5.0 (Mission Shakti 5.0) के तहत अब तक 14.08 लाख लोगों को जागरूक किया जा चुका है, जिनमें महिलाएं, पुरुष, बालक और बालिकाएं शामिल हैं। यह पहल नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में एक नई क्रांति बन रही है।
समाज में बदलती सोच – बेटी अब प्रेरणा है
मिशन शक्ति अभियान ने यह साबित कर दिया कि बदलाव केवल नीतियों से नहीं, बल्कि भावनाओं से आता है। आज जिस तरह अस्पतालों में नवजात बेटियों का स्वागत हो रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि समाज अब बेटियों को गर्व और उम्मीद का प्रतीक मानने लगा है। UP Government Women Empowerment Schemes हर बेटी के जन्म पर मुस्कान और गर्व का माहौल यह बताता है कि उत्तर प्रदेश अब एक नए युग की ओर बढ़ रहा है — जहाँ बेटियों के आने पर घरों में सन्नाटा नहीं, बल्कि गीत गूंजते हैं।
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