जेल में किताब पढ़ती मिलीं गिरिबाला सिंह, CBI को मिला ट्विशा डेथ केस का नया सबूत

The CSR Journal Magazine
मध्यप्रदेश महिला आयोग की टीम ने भोपाल सेंट्रल जेल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान गिरिबाला देवदत्त पटनायक की किताब ‘द प्रेग्नेंट किंग’ पढ़ रही थीं। जैसे ही आयोग की टीम आई, उन्होंने किताब बंद कर दी। महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने गिरिबाला से उनकी स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में पूछा। गिरिबाला ने कहा कि उन्हें कोई परेशानी नहीं है और सब कुछ सामान्य चल रहा है। निरीक्षण में आयोग को गिरिबाला को किसी विशेष सुविधा मिलने का कोई संकेत नहीं मिला।

पुस्तक में राजा युवनाश्व की कहानी

‘द प्रेग्नेंट किंग’ एक पौराणिक कथा है जिसमें राजा युवनाश्व की कहानी है। इस कथा के अनुसार, राजा ने संतान के लिए किए गए यज्ञ के समय एक मंत्रयुक्त पेय पी लिया, जिससे वे गर्भवती हो गए। जांच समिति इस किताब को पढ़ने के दौरान गिरिबाला के मानसिक हालात को समझने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये कथा उन्हें अपनी स्थिति से जोड़ने में मदद कर रही है।

ट्विशा शर्मा के मामले में CBI की कार्रवाई तेज

सीबीआई अब ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। एजेंसी मेडिकल, डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों को एकत्रित कर रही है। जांच का केंद्र गर्भावस्था, गर्भपात और शरीर पर मिले चोटों के निशान हैं। गिरिबाला सिंह की ओर से जिला कोर्ट में लीगल एड डिफेंस काउंसिल के वकीलों ने वकालतनामा पेश किया है। दोनों अधिवक्ता विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े हैं और हाईकोर्ट से अनुमति प्राप्त कर रहे हैं।

पुलिस की लापरवाही पर सवाल

ट्विशा के परिजनों ने दावा किया है कि मामले की प्रारंभिक जांच में एसआई दिनेश शर्मा की भूमिका संदिग्ध है। उन्हें गिरिबाला और उनके पति को संदिग्ध के रूप में चिह्नित नहीं करना चाहिए था। वकील अंकुर पांडे ने कहा कि ऐसा करने में पुलिस ने गंभीर त्रुटियां की हैं। इस बीच, पुलिस ने केवल एक बेल्ट जब्त की थी, जबकि घटनास्थल पर दो बेल्ट पाई गई थीं। इस पर अंकुर ने सवाल उठाए हैं कि क्यों केवल एक बेल्ट को ही सबूत माना गया।

सीबीआई की जांच में नए सबूत जुटाने की कोशिश

सीबीआई अब मोबाइल, लैपटॉप से मिले चैट, कॉल रिकॉर्ड और फोटो को भी जांच रही है। यह सबूत मामले की कड़ी को जोड़ने में महत्वपूर्ण हैं। वकील अंकुर का कहना है कि इस मुद्दे पर पुलिस की मंशा पर पहले ही सवाल उठाए जा चुके हैं। ट्विशा के परिजन लगातार पुलिस के प्रति अनुदानित हैं और उन्हें संदेह है कि पुलिस जानबूझकर मामले को कमजोर कर रही है।

गिरिबाला सिंह की सुरक्षा में बढ़ाई गई सतर्कता

गिरिबाला सिंह की जेल में सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हो रही है। पिछले जज रहते हुए जिन 29 आरोपियों को उन्होंने सजा सुनाई थी, वे सभी इसी जेल में बंद हैं। ऐसे में गिरिबाला के खिलाफ सुरक्षा प्रबंध बढ़ा दिया गया है। अतिरिक्त प्रहरी और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन सुरक्षा उपायों का उद्देश्य गिरिबाला को सुरक्षित रखना है।

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