यूपी को केंद्र से सबसे ज्यादा बिजली, 11,520 मेगावाट तक पहुंचा आवंटन; 18 साल पुरानी मांग का मिला फायदा

The CSR Journal Magazine
उत्तर प्रदेश की बढ़ती बिजली जरूरतों के बीच राज्य के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की केंद्रीय बिजली परियोजनाओं से यूपी को अब देश के दूसरे राज्यों की तुलना में सबसे ज्यादा बिजली आवंटित हो रही है। 10 अगस्त को राज्यसभा में रखे गए आंकड़ों के मुताबिक 30 जून 2026 तक प्रदेश को 11,520.5 मेगावाट बिजली आवंटित हुई है। आंकड़ों के मुताबिक 31 मार्च 2025 को यूपी को केंद्रीय परियोजनाओं से 9,530.4 मेगावाट बिजली मिल रही थी। 31 मार्च 2026 तक यह बढ़कर 10,881.2 मेगावाट हो गई। इसके बाद 30 जून 2026 तक आवंटन 11,520.5 मेगावाट पहुंच गया। यानी मार्च 2025 से जून 2026 के बीच करीब 1,990 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है।

महाराष्ट्र से भी करीब 2500 मेगावाट ज्यादा

केंद्रीय बिजली आवंटन में यूपी की बढ़त का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 30 जून 2026 को प्रदेश को महाराष्ट्र की तुलना में 2,495.3 मेगावाट अधिक बिजली मिली। राज्य की बड़ी आबादी और लगातार बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए यह आवंटन अहम माना जा रहा है। प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में केंद्रीय क्षेत्र से मिलने वाली अतिरिक्त बिजली राज्य की जरूरत पूरी करने में मदद करेगी। सरकार की ओर से बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है। केंद्र से बढ़ा आवंटन इस व्यवस्था को और मजबूत कर सकता है।

2008 में उठाया था मुद्दा

इस पूरी कहानी में करीब 18 साल पुरानी एक पहल भी खास है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने वर्ष 2008 में केंद्र से यूपी को गाडगिल फार्मूले के आधार पर बिजली आवंटित करने का मुद्दा उठाया था। परिषद के पत्र के आधार पर तत्कालीन उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष विजय कुमार ने भी केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के मुताबिक उस समय शुरू की गई कोशिश का फायदा अब प्रदेश को दिखाई दे रहा है। उनका कहना है कि पिछले चार-पांच वर्षों से यूपी को केंद्र से पहले की तुलना में अधिक बिजली मिल रही है।

आबादी को मिलता है सबसे ज्यादा वजन

गाडगिल फार्मूले में आबादी को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसमें 60 प्रतिशत भारांक जनसंख्या का है। इसके अलावा प्रति व्यक्ति आय, चल रही सिंचाई और बिजली परियोजनाएं, राज्यों की विशेष समस्याएं और कर प्रयास जैसे पहलुओं को भी महत्व दिया जाता है। इसका सीधा फायदा उत्तर प्रदेश जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य को मिलता है। इसके अलावा राज्यों की पिछली पांच वर्षों की ऊर्जा खपत को भी बिजली आवंटन तय करने में ध्यान में रखा जाता है।

आगे क्या होगा?

केंद्रीय बिजली आवंटन में यूपी की बढ़ती हिस्सेदारी राज्य की ऊर्जा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। बिजली की मांग बढ़ने के साथ केंद्रीय परियोजनाओं से मिलने वाली अतिरिक्त बिजली से आपूर्ति को संभालने में मदद मिल सकती है। खास बात यह है कि 2008 में उठाई गई मांग का असर अब आंकड़ों में नजर आ रहा है और यूपी केंद्रीय बिजली आवंटन में शीर्ष पर पहुंच गया है।

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