दक्षिण अमेरिका के अमेजन जंगलों में छिपे “एल डोराडो” (El Dorado – The City of Gold) का रहस्य एक बार फिर सुर्खियों में है। 2025 में सैटेलाइट और लिडार (LiDAR) तकनीक से अमेजन बेसिन के घने इलाकों में प्राचीन शहरी ढांचे और बस्तियों के निशान मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये अवशेष शायद उसी सभ्यता से जुड़े हैं, जिसने सदियों पहले “सोने के शहर” की कहानी को जन्म दिया था। ब्राज़ील के National Institute for Space Research (INPE) में Vinícius Peripato की टीम ने इन संकेतों की पहचान की है, जबकि Carlos Zimpel Neto के नेतृत्व में एक अन्य अनुसंधान दल ने अप्रैल 2025 में अमेजन क्षेत्र में खोई हुई बस्तियों और उपनिवेशों के अवशेष खोजे हैं। इन नई खोजों ने एक बार फिर यह सवाल जगा दिया है क्या “एल डोराडो” महज एक मिथक था, या सचमुच कहीं जंगलों में छिपा “सोने का शहर” मौजूद था?
सोने वाला राजा और झील गुआतावीटा की कथा
16वीं सदी में स्पेनिश खोजियों ने कोलंबिया की मुइस्का (Muisca) जनजाति के बारे में सुना, जहां राजा अपने शरीर पर सोने की धूल लगाकर गुआतावीटा झील में देवताओं को सोना और जवाहरात चढ़ाता था। यह दृश्य इतना अद्भुत था कि यूरोप में अफवाह फैली दक्षिण अमेरिका में जरूर कहीं “सोने से बना शहर” छिपा है। यही मिथक आगे चलकर “एल डोराडो” के नाम से मशहूर हुआ।
सैकड़ों खोजें, हजारों मौतें, पर शहर नहीं मिला
1541 में स्पेनिश खोजी फ्रांसिस्को दे ओरेलाना और गोंसालो पिसारो ने अमेजन नदी के रास्ते उस शहर की खोज की,लेकिन भूख, बीमारियों और आदिवासी हमलों के बीच हजारों लोगों की जान चली गई। 1595 में ब्रिटिश खोजी सर वाल्टर रैले ने दावा किया कि उन्होंने एल डोराडो देखा है पर लौटे खाली हाथ। 1545 में झील गुआतावीटा को खाली किया गया, कुछ सोने की वस्तुएं मिलीं लेकिन “सोने का शहर” नहीं।
पुरातत्वविदों का खुलासा
17 Comments in moderation
आधुनिक शोधों के मुताबिक “एल डोराडो” कोई असली शहर नहीं था,बल्कि मुइस्का संस्कृति की सोने की कारीगरी और धार्मिक परंपरा का प्रतीक था। कोलंबिया के म्यूजियो डेल ओरो (Museo del Oro) में आज भी हज़ारों सोने की कलाकृतियां रखी हैं। 1969 में झील गुआतावीटा से मिली “Balsa Muisca” नामक छोटी सुनहरी नाव को उस रस्म का प्रमाण माना गया।
खजाने की तलाश आज भी जारी
2001 में खोजी रॉबर्टो ग्यूडो ने बोलीविया में “सोने की दीवारें” मिलने का दावा किया। 2019 में कोलंबियाई नेवी ने San José जहाज का मलबा खोजा,जिसमें करीब 17 अरब डॉलर मूल्य का सोना था हालांकि यह “एल डोराडो” नहीं, लेकिन उसी कहानी से जुड़ा रहस्य जरूर माना जाता है।
2025 की खोज से फिर जगा ‘एल डोराडो’ का रहस्य
अब 2025 में सैटेलाइट और लिडार (LiDAR) तकनीक के जरिए अमेजन के नीचे प्राचीन शहरी संरचनाओं के संकेत मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये अवशेष किसी उन्नत प्राचीन सभ्यता के हो सकते हैं जो शायद सदियों पुरानी “सोने के शहर” की कहानियों की असली जड़ थी।हालांकि अब तक किसी भी जांच में “सोने की दीवारें” या “खजाने” नहीं मिले हैं, लेकिन इस आधुनिक तकनीक ने एल डोराडो के रहस्य को फिर जीवित कर दिया है।
अमेजन के खतरनाक जंगलों में आज भी कई लोग अपनी जान जोखिम में डालकर “खोया खजाना” तलाशते हैं। फिल्मों और डॉक्यूमेंट्रीज़ ने इस रहस्य को और रोमांचक बना दिया है, क्योंकि “एल डोराडो” अब सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि मानव की लालसा, आस्था और अनंत जिज्ञासा का प्रतीक बन चुका है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
The Netherlands has officially returned the Anaimangalam copper plates, significant relics from the Chola dynasty, to India. This event coincided with Prime Minister Narendra...