सांसदों के बाद अब क्या विधायक भी करेंगे बगावत? उद्धव की बैठक से नदारद रहे 4 MLA

The CSR Journal Magazine
छह सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद अब उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के सामने नई चुनौतियाँ आ गई हैं। एकनाथ शिंदे की नजर अब पार्टी के विधायकों और पार्षदों पर है। इस क्रम में, उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में 20 में से 16 विधायक शामिल हुए, जबकि चार विधायक अनुपस्थित रहे। मानसून सत्र की तैयारियों के बीच यह बैठक पार्टी की एकजुटता को बनाए रखने की कोशिश थी। हाल ही में सांसदों के विभाजन के बाद चर्चा तेज हो गई है कि विधायक भी पार्टी छोड़ सकते हैं।

बैठक में कौन-कौन मौजूद थे?

बैठक में शामिल विधायकों में प्रमुख नाम हैं: अनंत बाला नर (जोगेश्वरी, मुंबई), हारून खान (वर्सोवा, मुंबई), प्रवीण स्वामी (उमरगा, धाराशिव), और कई अन्य। विधान परिषद के पांच विधायक भी बैठक में उपस्थित रहे। हालांकि, अनुपस्थित रहने वाले चार विधायकों में संजय डेकर गाँव में हैं, जबकि राहुल पाटिल विधान परिषद चुनावों में व्यस्त थे। इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि स्थिति कितनी नाजुक है और विधायकों का सहयोग कितनी अहमियत रखता है।

बैठक में विधायकों की राय

बैठक में शामिल विधायकों ने मीडिया से बातचीत की। उद्धव ठाकरे ने कहा कि फिलहाल उनके पास बोलने के लिए कुछ नहीं है, लेकिन जब जरूरत होगी, वह खुद बोलेंगे। विधायक महेश सावंत ने कहा कि उन्हें किसी का ऑफर नहीं आया है और वे उद्धव के साथ खड़े हैं। इस स्थिति में, दिलीप सोपाल ने भी यही कहा कि जब दूसरे दलों से ऑफर आएंगे, तब देखेंगे। यह दर्शाता है कि विधायकों में अभी भी पार्टी के प्रति निष्ठा है।

संकट के बीच उद्धव ठाकरे का नेतृत्व

उद्धव ठाकरे का नेतृत्व इस समय बहुत महत्वपूर्ण है। पिछले कुछ समय से पार्टी में हो रही टूट का असर दिख रहा है। हालांकि, उनकी कोशिश है कि वह अपने विधायकों को एकजुट रख सकें। इस बैठक में चर्चा हुई कि सभी विधायकों को कैसे एकजुट रहना है, ताकि पार्टी की ताकत बनी रहे। यह जानना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में क्या विधायक भी इस बगावत में शामिल होंगे या नहीं।

किससे है खतरा?

एकनाथ शिंदे की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उद्धव ठाकरे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके विधायकों में कोई भ्रम न हो। शिंदे ने पहले ही सिद्ध कर दिया है कि उनका लक्ष्‍य ठाकरे के विधायकों को पार्टी से तोड़ना है। ऐसे में, उद्धव ठाकरे का काम करना और भी कठिन हो गया है।

विधानसभा का मानसून सत्र

राज्य में विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो चुका है और सभी पार्टियां अपने विधायकों की भूमिका तय करने में जुटी हुई हैं। शिवसेना (यूबीटी) ने कोशिश की है कि विधायक इस सत्र में एकजुट रहकर पार्टी की नीति पर चर्चा करें। हालांकि, अंदर की स्थिति अभी भी अस्थिर दिखाई दे रही है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos