राजस्थान में पेपर लीक माफियाओं पर शिकंजा, SOG ने जारी की 15 मोस्ट वांटेड आरोपियों की सूची

The CSR Journal Magazine
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में धांधली करने वाले पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 फरार आरोपियों की सूची जारी की है। ये सभी आरोपी रीट, शिक्षक भर्ती और पटवारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा फर्जीवाड़े के मामलों में वांछित हैं। प्रत्येक आरोपी की गिरफ्तारी या सूचना देने पर 10 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। एसओजी का दावा है कि ये आरोपी लंबे समय से फरार हैं और अपनी पहचान छिपाकर कानून से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

रीट, शिक्षक और पटवारी भर्ती घोटालों से जुड़े हैं आरोपी

एसओजी की जांच में सामने आया है कि सूची में शामिल सभी आरोपी राजस्थान की प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं। आरोप है कि इन लोगों ने परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र हासिल कर अभ्यर्थियों को मोटी रकम लेकर उपलब्ध कराए। इन गतिविधियों के कारण लाखों युवाओं की मेहनत प्रभावित हुई और कई भर्ती प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े हुए। जांच एजेंसियों के अनुसार इन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं।

सरकारी कर्मचारी से लेकर कोचिंग संचालक तक शामिल

जारी सूची में विभिन्न जिलों के आरोपी शामिल हैं, जिनमें कुछ सरकारी कर्मचारी और निजी कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग भी बताए जा रहे हैं। सूची में सीकर, जालौर, जयपुर, सवाई माधोपुर, नागौर और बीकानेर के निवासी शामिल हैं। इनमें कुछ नाम ऐसे भी हैं जो सरकारी सेवाओं में रहते हुए भर्ती परीक्षा घोटालों से जुड़े पाए गए। जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर लीक नेटवर्क को संचालित करने में सरकारी तंत्र और निजी संस्थानों के कुछ लोगों की मिलीभगत ने अहम भूमिका निभाई।

10 हजार के इनाम पर उठ रहे सवाल

एसओजी ने सभी 15 फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है, लेकिन इस राशि को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। कई लोगों का मानना है कि करोड़ों रुपये के कथित अवैध कारोबार से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इतनी कम इनामी राशि पर्याप्त नहीं है। हालांकि पुलिस का कहना है कि इनाम का उद्देश्य आम लोगों से सूचना जुटाना है और सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। एसओजी की टीमें लगातार विभिन्न जिलों में दबिश दे रही हैं और आरोपियों की संपत्तियों, बैंक खातों तथा आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।

सीकर, जालौर और जयपुर बने जांच के केंद्र

प्रारंभिक जांच और जारी सूची के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि सीकर, जालौर, जयपुर और सवाई माधोपुर जैसे जिले पेपर लीक नेटवर्क के प्रमुख केंद्रों में शामिल रहे हैं। एसओजी का मानना है कि इन जिलों से जुड़े कई लोगों ने संगठित तरीके से भर्ती परीक्षाओं में धांधली का नेटवर्क खड़ा किया था। अब एजेंसी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनके आर्थिक स्रोतों और पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है।

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