राजस्थान ATS की बड़ी कार्रवाई: आतंकियों से निकाह कर पाकिस्तान भागने की कोशिश में गिरफ्तार बबीता

The CSR Journal Magazine

जयपुर की लड़की की आतंकियों से शादी की ख्वाहिश: पाकिस्तान भागने का था बड़ा प्लान

राजस्थान आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर जयपुर से बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को गिरफ्तार किया है, जो प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के नेटवर्क से जुड़कर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की योजना बना रही थी.सुरक्षा एजेंसियों की जांच में इस मामले से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।

खतरनाक मंसूबे का पर्दाफाश

राजस्थान एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद की स्लीपर सेल चलाने की आरोपी बबीता को गिरफ्तार किया है। 37 वर्षीय बबीता के खिलाफ कई संगीन आरोप लगे हैं। वह जैश का कमांडर अबू-उबैदाह के संपर्क में थी, जिसने उसे अपने जाल में फंसाया।

सोशल मीडिया से शुरू हुई कहानी

बबीता ने दो साल पहले सोशल मीडिया के जरिए अबू-उबैदाह के संपर्क में आने के बाद अपनी निजी समस्याओं के बारे में उसे बताया। उसने पति से तलाक लेने की जानकारी साझा की, जिसके बाद अबू ने उसे भावनात्मक रूप से मजबूत बनाकर अपनी तरफ खींचा। बबीता अब उससे शादी करना चाहती थी और उसके अनुसार, नवंबर में वह पाकिस्तान भागने का पूरा प्लान बना चुकी थी।

धर्म परिवर्तन का चौंकाने वाला सच

बाबीता ने स्वीकार किया कि अबू ने उसे ऑनलाइन कलमा पढ़वाकर मुस्लिम बनाया। इसके बाद वह “खदीजा” बन गई थी। उसे माहौल का हिस्सा बनाने के लिए अबू ने नमाज और कुरान पढ़ने का निर्देश दिया। वह जैश-ए-मोहम्मद के उद्देश्य से प्रभावित हुई और इसके कारण उसने संगठन से और गहरे रिश्ते बनाने का निर्णय लिया।

पाकिस्तान जाने की योजना तैयार

बबीता ने बताया कि उसे अबू ने बताया था कि पाकिस्तान जाने के लिए पहले नेपाल जाना होगा। वहां से उसे सउदी अरब या यूएई भेजा जाएगा। इस सफर में मदद के लिए उसे क्रिप्टो करेंसी दी जाएगी। उसने यात्रा के संबंध में सभी जानकारी हासिल कर ली थी और क्रिप्टो करेंसी की एक ऐप भी डाउनलोड कर ली थी।

वॉट्सएप के जरिए आतंकियों से संपर्क

बबीता ने जैश के कमांडर अबू-उबैदाह को वॉट्सएप चलाने के लिए अपने तीन भारतीय नंबर दिए थे। अबू ने उसे बताया कि इन नंबरों का इस्तेमाल करके वह एजेंसियों के रडार से बच जाएंगे। यह साबित करता है कि बबीता ने आतंकियों के साथ अपने संपर्क को बनाए रखा और इस खेल में पूरी तरह से शामिल थी।

जमात-उल-मुमिनात

जांच में यह भी पता चला है कि पाकिस्तान की तरफ से भारतीय महिलाओं को कट्टरपंथी बनाने और स्लीपर सेल तैयार करने के लिए ‘जमात-उल-मुमिनात’ नाम से एक विशेष महिला विंग चलाई जा रही है, बबीता इसी विंग का हिस्सा बन चुकी थी।

ATS की कार्रवाई

ATS ने बबीता की संदिग्ध एक्टिविटी पर नज़र रखी थी। जाँच के दौरान कई दिनों तक रेकी करने के बाद आखिरकार बबीता को हिरासत में लिया गया। इस दौरान कई महत्त्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आईं हैं, जो जांच एजेंसियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

उलझी हुई व्यक्तिगत जिंदगी और आतंक का जाल

बबीता की कहानी केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आतंकियों के जाल में फंसने की एक दर्दनाक दास्तान भी है। उसका परिवार मूल रूप से करौली जिले का निवासी है और उसकी व्यक्तिगत जिंदगी में चल रहे केस भी उसके फैसलों पर प्रभाव डाल रहे थे।

वर्तमान कानूनी कार्रवाई, UAPA के तहत मामला

राजस्थान एटीएस ने बबीता को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी से ठीक पहले उसने अपने मोबाइल से अधिकांश डिजिटल डेटा और चैट डिलीट कर दिए थे। एटीएस ने उसके पास से दो सिम कार्ड और फोन जब्त कर डेटा को रिकवर करने के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। कोर्ट ने आरोपी महिला बबीता को पूछताछ के लिए एटीएस की हिरासत (रिमांड) में भेज दिया है, जहां सुरक्षा एजेंसियां उसके पूरे नेटवर्क और संपर्कों को खंगाल रही हैं।

जांच का दायर बढ़ता हुआ

इस मामले में आगे की जांच जारी है। बबीता का नाम उन लोगों में शामिल हो गया है, जो आतंकवादी संगठनों से जुड़े होने की बात स्वीकार कर चुके हैं। यह एक बड़ा खतरा है, जिसे समय पर रोकना आवश्यक है। ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos