राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपालों का बड़ा फेरबदल किया है। आरएन रवि को तमिलनाडु से पश्चिम बंगाल भेजा गया है, जहां उन्होंने आनंद बोस की जगह ली। नई नियुक्तियों में राजनीतिक समीकरण और पिछले विवादों का नजारा साफ दिख रहा है। हाल ही में हुए इस फेरबदल में सात राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपालों की नियुक्ति की गई है। इनमें तीन नए राज्यपाल एवं लेफ्टिनेंट गवर्नर शामिल हैं, जबकि छह जगहों पर ट्रांसफर पोस्टिंग की गई है।
महत्वपूर्ण चुनावी राज्यों में बदलाव
ध्यान देने वाली बात यह है कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं। इस वजह से इन राज्यों में राज्यपालों का बदलाव काफी अहम हो गया है। आरएन रवि के चुनावी राज्य तमिलनाडु से पश्चिम बंगाल में जाने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी आश्चर्य जताया है। उनका आरोप है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें बिना सलाह के यह फैसला लिया है।
राज्यपालों के कार्यकाल में विवाद
सीवी आनंद बोस के कार्यकाल के दौरान कई बार ममता बनर्जी की सरकार और राजभवन के बीच मतभेद उभर कर आए थे। विशेष रूप से विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों और प्रशासनिक विवादों को लेकर कई बार विवादित स्थितियाँ बनीं। यह देखते हुए कि बोस को अपना कार्यकाल पूरा करने का मौका नहीं मिला, बीजेपी की स्थानीय इकाई ने कई बार उनकी कार्यशैली पर असंतोष जताया।
बिहार में नया राज्यपाल
बिहार के नए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन बने हैं, जो भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी हैं। पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की जगह लेने के साथ ही उनका कार्यकाल राज्य की बदलती राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नीतीश कुमार की सरकार में बदलाव के साथ सैयद अता का आगमन भी देखा जा रहा है।
दिल्ली से लद्दाख तक का सफर
दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख भेजा गया है। उनका कार्यकाल विवादास्पद रहा और दिल्ली शराब घोटाले में उनकी भूमिका पर सवाल खड़े हुए। इन विवादों को देखते हुए उनका ट्रांसफर लद्दाख की ओर किया गया है। वहीं, तरनजीत सिंह संधू को अब दिल्ली का उपराज्यपाल बनाया गया है।
राजनीतिक समीकरण का महत्व
जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जबकि नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल बनाया गया है। दोनों नेताओं का लंबे समय से राजनीतिक अनुभव है और उनकी नियुक्ति को राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करने के उद्देश्य से देखा जा रहा है। इसके अलावा, शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का नया गवर्नर बनाया गया है, उनका अनुभव इससे पहले हिमाचल प्रदेश में रहा है।
अन्य नियुक्तियों का विवरण
कवींद्र गुप्ता अब हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल हैं, जबकि राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है। आर्लेकर को पहले भी कई महत्वपूर्ण पदों पर रखा गया था। इन सभी परिवर्तनों को आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
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