20 मई को देशव्यापी हड़ताल: बंद रहेंगी दवा दुकानें, AIOCD ने नियमों के खिलाफ खोला मोर्चा

The CSR Journal Magazine

Chemist Strike: GSR 817(E) और GSR 220(E) के कारण दवा दुकानदार कर रहे हैं हड़ताल

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में दवाओं की उपलब्धता एक अनिवार्य कड़ी है। आगामी 20 मई को ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने केंद्र सरकार के नए संशोधनों- GSR 817(E) और GSR 220(E) के विरोध में देशव्यापी दवा दुकान बंदी का आह्वान किया है। संगठन का आरोप है कि ये नियम ई-फार्मेसी (ऑनलाइन दवा बिक्री) को बढ़ावा देने और पारंपरिक दवा व्यापारियों के हितों को चोट पहुँचाने वाले हैं। इस हड़ताल का सीधा असर देश के करोड़ों मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने की संभावना है।

समस्या का अवलोकन

20 मई को पूरे देश में दवा दुकानें बंद रहेंगी, क्योंकि AIOCD ने ऑनलाइन फार्मेसी और क्विक डिलीवरी ऐप्स के खिलाफ हड़ताल का आह्वान किया है। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) ने मांग की है कि सरकार GSR 817(E) और GSR 220(E) अधिसूचनाएं वापस ले। यह हड़ताल पूरे देश में दवा वितरण में कठिनाइयां पैदा कर सकती है। लोगों से अपील की गई है कि वे आवश्यक दवाएं पहले खरीद लें, ताकि उन्हें 20 मई को दवा न मिल सके।

हड़ताल का कारण

दवा दुकानदारों का कहना है कि उन्हें ऑनलाइन दवा बेचनें वाली कंपनियों के निरंकुश कार्यप्रणाली से गंभीर समस्या हो रही है। इस कारण वे भारी डिस्काउंट और गलत प्रिस्क्रिप्शन जैसे मुद्दों का सामना कर रहे हैं। दुकानदारों का आरोप है कि सरकार इन ऑनलाइन कंपनियों पर ध्यान नहीं दे रही है, जिससे नियमों की अनदेखी हो रही है। इस समस्या को उजागर करने के लिए यह हड़ताल की जा रही है।

GSR 817(E) और GSR 220(E) क्या हैं?

AIOCD ने सरकार से GSR 220(E) और GSR 817(E) को वापस लेने की मांग की है। इन अधिसूचनाओं का कारण है ऑनलाइन दवा बेचनें वाली कंपनियों के द्वारा किसी नियम के बिना कार्य करना। ये अधिसूचनाएं यह तय नहीं करतीं कि डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन की जांच कैसे की जाएगी या दवा की डिलीवरी कैसे सुरक्षित की जाएगी। ऑनलाइन दवा कंपनियां बिना कोई जवाबदेही निभाए काम कर रही हैं।

GSR 817(E) का विवरण

GSR 817(E) एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन है, जिसे लगभग 8 साल पहले ई-फार्मेसी के लिए एक रेगुलेटरी ढांचे के निर्माण के लिए जारी किया गया था। हालांकि, सरकार ने इसे न तो पूरी तरह लागू किया है और न ही इसे रद्द किया है। इस नोटिफिकेशन में ऑनलाइन फार्मेसी का रजिस्ट्रेशन, डॉक्टर के पर्चे की सही जांच और ग्राहकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की बात की गई थी। AIOCD का तर्क है कि बिना स्पष्ट नियमों के ये कंपनियां कार्य कर रही हैं और इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

GSR 220(E) का महत्व

GSR 220(E) की शुरुआत कोरोना काल में हुई थी। जब लोग घरों में बंद थे, तब सरकार ने इसे होम डिलीवरी के लिए लागू किया था। केमिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि यह नियम महामारी के समय के लिए था, और अब इसका दुरुपयोग हो रहा है। उनका आरोप है कि ऑनलाइन दवा बेचनें वाली कंपनियां इसी नियम का फायदा उठा रही हैं। सरकार को चाहिए कि वह इस पुराने नियम को समाप्त करे और इसके स्थान पर नए और सख्त नियम स्थापित करे।

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