साथ आइए, स्वागत करेंगे, TMC के बागी गुट ने ममता बनर्जी को दिया ऑफर, क्या मिलेगा पद?

The CSR Journal Magazine
ट्रिनमूल कांग्रेस (TMC) में आंतरिक कलह के बीच, बागी नेताओं ने विधायक अरूप रॉय को पार्टी का नया अध्यक्ष चुना है। ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी को एक खास ऑफर देते हुए कहा है कि वह चाहें तो बागी गुट की मुख्य सलाहकार बन सकती हैं। यह घटना पश्चिम बंगाल की सियासत में एक नए मोड़ का संकेत देती है, क्योंकि 20 सांसदों ने बगावत करके अपना अलग गुट बना लिया है। इससे ममता बनर्जी के लिए एक चुनौती पैदा हो गई है।

ऋतब्रत बनर्जी का सुलह का प्रस्ताव

सोमवार को कोलकाता में आयोजित बागी TMC नेताओं के विशेष सत्र में, ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के प्रति सहानुभूति का इजहार किया। उन्होंने कहा कि यदि ममता बनर्जी मुख्य सलाहकार बनने की इच्छा रखें, तो उनका स्वागत किया जाएगा। यह विशेष सत्र ममता बनर्जी से पार्टी का नियंत्रण छीनने की कोशिश के दौरान बुलाया गया है, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ती विद्रोह की स्थिति उजागर होती है।

सोशल मीडिया पर बागी गुट की पुष्टि

बागी गुट ने खुद को असली TMC घोषित करते हुए ममता बनर्जी को पार्टी के चेयरपर्सन पद से हटाने का ऐलान किया है। यह कदम ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि इस कदम से यह साफ हो गया है कि पार्टी में आंतरिक मतभेद कितने गंभीर हैं। ऋतब्रत बनर्जी ने स्पष्ट किया कि यह फैसला पार्टी के अंदर चल रहे विवाद को और बढ़ा सकता है।

नए अध्यक्ष का चुनाव

अरूप रॉय की अध्यक्षता में बागी गुट का नया नेतृत्व दिखाई दे रहा है। उन्हें सर्वसम्मति से नया अध्यक्ष चुना गया, जो कि TMC के भीतर ममता बनर्जी के अधिकारों के लिए एक महत्त्वपूर्ण चुनौती मानी जा रही है। इस विशेष सत्र में अन्य नेताओं ने भी अपनी भूमिका का निर्धारण किया। पूर्व मंत्री अरूप विश्वास और विधायक फिरहाद हकीम को उपाध्यक्ष बनाया गया है।

महासचिव और कोषाध्यक्ष की नियुक्ति

ऋतब्रत बनर्जी, जावेद खान और संदीपन साहा को महासचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, रघुनाथगंज विधायक अखरुज्जमां अंसारी को कोषाध्यक्ष बनाया गया। ऋतब्रत ने बैठक की वैधता की रक्षा करते हुए कहा कि चुनाव आयोग को औपचारिक रूप से इन निर्णयों के बारे में सूचित किया जाएगा। यह स्पष्ट करता है कि बागी गुट अपने कदमों को कानूनी और उचित मानता है।

चुनाव आयोग का निर्णय रहेगा अंतिम

ऋतब्रत बनर्जी ने जोर देकर कहा कि यह मामला असली और नकली का नहीं है। उन्होंने बताया कि उनका गुट TMC है और विशेष सत्र की कार्यवाही के बारे में चुनाव आयोग को सूचित किया जाएगा। बागी नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग सही और गलत का निर्णय करेगा, इसलिए इस मुद्दे पर अंतिम फैसला वहीं से आएगा।

TMC में बगावत के कारण

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। हाल ही में, 80 में से 58 विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी के विपक्ष के नेता के दावे का समर्थन किया था। यह अराजकता सांसदों की कार्यप्रणाली में भी दिखाई दे रही है, जहाँ कुछ सांसदों ने पार्टी के संसदीय विंग से अलग होकर बीजेपी के

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