महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से आठवीं कक्षा के छात्रों के लिए बड़ी घोषणा की है। अब इन विद्यार्थियों को मुफ्त स्कूल बैग (Maharashtra Free School Bag Scheme for Students) दिया जाएगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 165 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। 13 फरवरी को स्कूल शिक्षा और खेल विभाग ने इस संबंध में शासन निर्णय जारी किया। यह फैसला Right to Education Act 2009 और National Education Policy 2020 को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि बच्चों को अनुकूल शिक्षा का माहौल मिल सके।
41 लाख से ज्यादा छात्रों को फायदा
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार राज्य में 41 लाख 43 हजार 54 विद्यार्थियों को मुफ्त स्कूल बैग दिए जाएंगे। यह सुविधा स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को मिलेगी। इस योजना का मकसद अभिभावकों पर बढ़ते शैक्षणिक खर्च को कम करना है। पहले से ही छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें और मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal) मिल रहा है, अब फ्री स्कूल बैग मिलने से खर्च और कम होगा।
Maharashtra Free School Bag for Students: किन स्कूलों को नहीं मिलेगा लाभ?
जिन महानगरपालिकाओं में पहले से ही फ्री बैग योजना लागू है या छात्रों को इसके लिए अलग से फंड दिया जाता है, वहां इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। बाकी सरकारी स्कूलों में यह योजना नए शैक्षणिक वर्ष से लागू होने की संभावना है। अभिभावकों ने मांग की है कि बच्चों को अच्छी गुणवत्ता वाले बैग दिए जाएं। हल्के या घटिया दर्जे के बैग न बांटे जाएं, ताकि बच्चे पूरे साल आराम से उनका उपयोग कर सकें।
क्या बढ़ेगी सरकारी स्कूलों की उपस्थिति?
सरकारी स्कूलों में मुफ्त सुविधाएं बढ़ रही हैं, लेकिन कई जगहों पर छात्रों की संख्या घट रही है। ग्रामीण इलाकों में अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की बढ़ती लोकप्रियता का असर दिख रहा है। कई जगह स्कूल बंद हो रहे हैं या दो स्कूलों का विलय किया जा रहा है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि Maharashtra Free School Bag for Students योजना से सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या और शिक्षा की गुणवत्ता पर कितना सकारात्मक असर पड़ता है।
Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!
The Maharashtra Consumer Disputes Redressal Commission has found a Mumbai hospital responsible for inadequate service after it delayed the discharge of a two-day-old infant...
Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis recently commented on the ongoing doctors' strike that stemmed from the government's proposal regarding the registration of homoeopathy practitioners....
The Brihanmumbai Municipal Corporation-Maharashtra Association of Resident Doctors (BMC MARD) has declared an escalation of its protest at BMC hospitals after meetings with municipal...