भारत आस्था और चमत्कारों की भूमि है। यहां हर राज्य में ऐसे मंदिर हैं, जिनकी मान्यताएं लोगों को हैरान कर देती हैं। इन्हीं में से एक है मध्यप्रदेश के भिंड जिले में स्थित दंदरौआ धाम, जिसे आज पूरा देश ‘डॉक्टर हनुमान मंदिर’ के नाम से जानता है। यह मंदिर इसलिए खास है क्योंकि यहां भगवान हनुमान को योद्धा या सेवक नहीं, बल्कि डॉक्टर के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से ही गंभीर से गंभीर शारीरिक और मानसिक रोगों में राहत मिलती है।
गोपी वेश में विराजमान हैं बजरंगबली
दंदरौआ धाम की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित हनुमान जी की अनोखी प्रस्तर मूर्ति है। इस मूर्ति में हनुमान जी सखी यानी गोपी वेश में नृत्य की मुद्रा में दिखाई देते हैं। ऐसी प्रतिमा भारत में कहीं और देखने को नहीं मिलती। इसी कारण यहां विराजमान हनुमान जी को श्रद्धालु प्यार से ‘डॉ. हनुमान’ कहते हैं, जो भक्तों के दर्द और रोगों का हरण करते हैं।
कैसे पड़ा नाम ‘दंदरौआ धाम’? जानिए कथा
मंदिर से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, वर्षों पहले इस स्थान पर खुदाई का कार्य चल रहा था। तभी आकाशवाणी हुई कि जहां खुदाई हो रही है, वहां भगवान हनुमान की मूर्ति विराजमान है। जब ग्रामीणों ने खुदाई की तो जमीन से सखी वेश में हनुमान जी की मूर्ति प्रकट हुई। मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान एक भक्त को असहनीय दर्द होने लगा। तभी फिर से आकाशवाणी हुई कि यदि उस व्यक्ति को हनुमान जी का बंधन और भभूति लगाई जाए, तो वह ठीक हो जाएगा। ऐसा ही किया गया और वह व्यक्ति तुरंत स्वस्थ हो गया।
इसके बाद इस स्थान को ‘दर्दहरउआ’ कहा जाने लगा, जो समय के साथ बदलकर दंदरौआ धाम बन गया।
कैंसर से मुक्ति की कथा और ‘डॉक्टर हनुमान’
एक अन्य मान्यता के अनुसार, शिवकुमार दास नाम के एक साधु कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। इलाज से निराश होकर उन्होंने हनुमान जी की गहरी भक्ति शुरू की। कहा जाता है कि हनुमान जी उन्हें सफेद कोट पहने डॉक्टर के रूप में दर्शन देने आए और उनकी बीमारी दूर हो गई। इसके बाद से यह विश्वास और गहरा हो गया कि दंदरौआ धाम में हनुमान जी स्वयं डॉक्टर बनकर भक्तों का इलाज करते हैं।
मंगलवार-शनिवार को उमड़ती है भारी भीड़
दंदरौआ धाम में वैसे तो रोज श्रद्धालु आते हैं, लेकिन मंगलवार और शनिवार को यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। मान्यता है कि पांच परिक्रमा करने और चरणामृत व भभूति ग्रहण करने से असाध्य रोगों में भी लाभ मिलता है। हर साल बुढ़वा मंगल के अवसर पर यहां विशाल मेला लगता है, जिसमें 8 से 10 लाख तक श्रद्धालु देशभर से पहुंचते हैं।
कहां स्थित है दंदरौआ धाम?
दंदरौआ धाम मध्यप्रदेश के भिंड जिले की मेहगांव तहसील में स्थित दंदरौआ गांव में है। यह ग्वालियर से लगभग 65–70 किलोमीटर की दूरी पर है और चारों ओर से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। वर्तमान में यह धाम श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर संत रामदास जी महाराज के सान्निध्य में संचालित हो रहा है।
आस्था, विश्वास और उम्मीद का केंद्र
दंदरौआ धाम सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि लाखों लोगों की उम्मीद और विश्वास का केंद्र है। यहां आने वाले श्रद्धालु मानते हैं कि “नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा” की भावना को साकार करते हुए डॉ. हनुमान आज भी भक्तों के दुख-दर्द हरते हैं। यही कारण है कि यह अनोखा मंदिर दिन-ब-दिन देशभर में श्रद्धा और चमत्कार का प्रतीक बनता जा रहा है।
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