पहलगाम हमले की पहली बरसी: एक साल बाद भी नहीं भरे जख्म, भावनगर का परिवार आज भी सदमे में

The CSR Journal Magazine
आज, 16 फरवरी को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की पहली बरसी है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। इस हमले ने केवल पीड़ितों के परिवारों को ही नहीं, बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया था। भावनगर का परिवार भी इस हमले की शिकार हुआ, जहां यतीश परमार और उनके बेटे स्मित को आतंकवादियों ने गोली मार दी। उनके परिवार का आज भी यही हाल है कि वे इस घटना को भूला नहीं पा रहे हैं।

दुखद घटनाक्रम की कहानी

पिछले साल, यतीश भाई परमार अपने परिवार के साथ मोरारी बापू की कथा में शामिल होने के लिए श्रीनगर गए थे। वहां से वे पहलगाम घूमने पहुंचे थे, तभी आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जिसमें यतीश परमार और उनके बेटे स्मित की मौत हो गई। इस घटना में उनके साथ आई पत्नी काजलबेन किसी तरह बच गईं। इस खूनी हमले ने परिवार के लिए एक लंबी और दुखद कहानी लिख दी है।

जिंदगी की मुश्किलें

एक साल का वक्त बीत जाने के बाद भी काजलबेन का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है। वह निरंतर अपने पति और बेटे को याद करके आंसू बहाती हैं। परिवार में अब भी सन्नाटा है और मातम छाया रहता है। काजलबेन की हालत नाजुक है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिवार के अन्य सदस्य इस दुखद घटना को सुनकर भी सदमे में हैं।

सरकार से मिला सहारा, पर…

हालांकि, सरकारी सहायता के तौर पर परिवार को कुछ मदद मिली है, लेकिन वे अपने प्रियजनों को वापस नहीं ला सकते। मृतक के चाचा ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद थी और एक साल बाद भी उनके आंसू नहीं रुकते। परिवार इस दिन को याद करके फिर से रोने लगते हैं और वे प्रार्थना करते हैं कि ऐसी दुखद घटनाएं फिर कभी किसी के साथ न हों।

भावनगर का पीड़ित परिवार

भावनगर शहर के कालिया बीड़ इलाके में रहने वाले यतीश भाई परमार अपनी होटल और सैलून व्यवसाय के लिए जाने जाते थे। उनके जाने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ा है। उनकी पत्नी काजलबेन के लिए यह समय बहुत कठिनाई भरा है। परिवार के निडर होने के बावजूद, वे इस जख्म को हर दिन जी रहे हैं।

श्रद्धांजलि और यादें

आज जब पूरे देश में लोग उन निर्दोष लोगों को याद कर रहे हैं, जो इस हमले में शहीद हुए, वहीं काजलबेन और उनका परिवार इसी बुरे दौर से गुजर रहा है। परिवार वाले कहते हैं कि यतीश और स्मित को याद करना कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने सभी शहीदों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि इस तरह की घटना किसी और के साथ न हो।

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