साइबर ठगी का शिकार? अब e-Zero FIR से थाने के चक्कर लगाना होगा खत्म

The CSR Journal Magazine
साइबर ठगी के मामलों में अब पीड़ितों को थाने-थाने भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केंद्र सरकार ने e-Zero FIR व्यवस्था को पूरे देश में लागू करने का निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके सटीक कार्यान्वयन के लिए सभी राज्यों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। यह डिजिटल व्यवस्था भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) द्वारा तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करना है।

देर नहीं, सीधे कार्रवाई!

साइबर अपराधी कई बार एक राज्य से दूसरे राज्य के लोगों को निशाना बनाते हैं, जिससे FIR दर्ज करने में देरी होती है। e-Zero FIR इस समस्या का समाधान पेश करता है। इसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत मान्यता प्राप्त है। शिकायत जैसे ही दर्ज होती है, मामला संबंधित एजेंसियों के पास तुरंत पहुंच जाता है, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होती है।

कौन सी शिकायतें बनेंगी e-Zero FIR?

हर साइबर शिकायत e-Zero FIR नहीं बनती। फिलहाल, 10 लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें ही स्वतः e-Zero FIR में बदलेंगी। इससे साफ होता है कि छोटे मामलों के लिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, लेकिन त्वरित कार्रवाई बड़े मामलों पर केंद्रित है।

FIR दर्ज करने की प्रक्रिया

जब शिकायत e-Zero FIR में परिवर्तित हो जाती है, तो उसे तुरंत संबंधित साइबर पुलिस स्टेशन को भेज दिया जाता है। इसके बाद, तीन दिन के अंदर शिकायतकर्ता को अपना वेरिफिकेशन कराना होता है। इससे ये सुनिश्चित होता है कि डिजिटल शिकायत की कानूनी जांच प्रक्रिया शुरू हो सके।

आम जनता के लिए क्या है फायदा?

साइबर अपराध के मामलों में प्राथमिक 1 से 3 घंटे की अवधि बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि शिकायत तुरंत दर्ज हो और जांच एजेंसियों को सही समय पर सूचना मिले, तो संदिग्ध खाते को फ्रीज कराया जा सकता है। e-Zero FIR का सबसे बड़ा फायदा यही है कि पीड़ितों को एक ही जगह शिकायत करने का मौका मिलता है। इससे ठगी का पैसा बचाने की संभावना बढ़ती है।

साइबर अपराध का बढ़ता खतरा

देश में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। 2025 में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर 28.15 लाख शिकायतें दर्ज की गईं। साइबर ठगी के तहत लगभग 22,495 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। लगातार बढ़ते मामलों के बावजूद केवल 55,484 FIR दर्ज हुईं, जो गंभीर चिंता का विषय है।

क्या e-Zero FIR बदलाव ला सकेगी?

विशेषज्ञों के अनुसार, इस व्यवस्था से साइबर अपराध की संख्या कम नहीं होगी, लेकिन जांच की प्रक्रिया के दौरान देरी को कम किया जा सकेगा। जब शिकायतें समय पर प्राप्त होंगी, तो जांच एजेंसियों को संदिग्ध लेनदेन पर त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

शिकायत कैसे दर्ज करें?

यदि आप साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा, आप राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए घटना का पता चलते ही तुरंत रिपोर्ट करना बेहद जरूरी है।

कानूनी राय वेब पर है!

सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता के अनुसार, साइबर

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