बागेश्वर धाम विवाद फिर गरम, श्याम मानव ने दी 80 लाख की चुनौती

The CSR Journal Magazine
बागेश्वर धाम के मशहूर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के ‘दिव्य दरबार’ को लेकर विवाद एक बार फिर जोर पकड़ रहा है। हाल ही में, अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने शास्त्री के चमत्कारों को नकारते हुए चुनौती की राशी 30 लाख से बढ़ाकर 80 लाख रुपये कर दी है। समिति का कहना है कि यह लड़ाई धार्मिक आडंबरों के खिलाफ है, न कि रामकथा के खिलाफ।

चुनौती का नया रूप: सबकुछ होगा विज्ञान की कसौटी पर

समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनौती अब धीरेंद्र शास्त्री के ‘दिव्य दरबार’ में नहीं, बल्कि नागपुर के पत्रकार भवन में आयोजित की जाएगी। समिति का मानना है कि बाबा के दरबार में पारदर्शिता नहीं हो सकती। नई चुनौती के तहत बाबा को 90% सटीकता के साथ 10 अज्ञात व्यक्तियों के बारे में जानकारी देनी होगी।

धीरेंद्र शास्त्री ने फिर भागने का आरोप

श्याम मानव ने आरोप लगाया है कि धीरेंद्र शास्त्री लगातार दो बार चुनौती स्वीकार करने में असफल रहे हैं और अब फिर से वहां से भाग गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि शास्त्री साबित कर देते हैं कि उनमें सचमुच कोई दिव्य शक्ति है, तो वे उनकी आरती उतारेंगे और अपनी संस्था बंद कर देंगे।

चुनौती की शर्तें: निष्पक्षता और कड़ी निगरानी का ध्यान

समिति ने चुनौती के लिए कुछ मुख्य शर्तें तय की हैं। जैसे कि परीक्षण नागपुर के पत्रकार भवन में होगा, जहां बाबा के मोबाइल फोन सील करके रखे जाएंगे और एक पंच कमेटी बनाई जाएगी। इसके साथ ही, यदि शास्त्री पहले परीक्षण में सफल रहते हैं, तो 5 दिन बाद फिर से उसी प्रक्रिया को दोहराया जाएगा।

बाबागिरी का धंधा: डर के पीछे की वजहें

श्याम मानव ने कहा है कि धीरेंद्र शास्त्री समाज के बड़े लोगों को अपने दरबार में देखकर नतमस्तक कर देते हैं, लेकिन जब मामला निष्पक्ष चुनौती का होता है, तो वे भाग खड़े होते हैं। समिति के अनुसार, उन्हें पता है कि वास्तविकता में उनके पास कोई दिव्य शक्ति नहीं है, और इसलिए वे चुनौती से बचते हैं।

तीन साल पहले भी दी थी चुनौती

यह पहली बार नहीं है, जब श्याम मानव ने धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती दी है। तीन साल पहले भी उन्होंने शास्त्री से कहा था कि वह 10 लोगों के बारे में सही-सही जानकारी बताएं। तब भी शास्त्री ने चुनौती स्वीकार की, लेकिन परिणाम कुछ खास नहीं निकला। इस बार, श्याम मानव का कहना है कि अगर वे अपनी दावों में सच्चे हैं, तो उन्हें इस चुनौती का पूरे दिल से सामना करना चाहिए।

धीरेंद्र शास्त्री का जवाब: दरबार में आइए

धीरेंद्र शास्त्री ने चुनौती स्वीकार करते हुए कहा कि जो भी ‘खुजली’ महसूस कर रहा है, वह दरबार में आये। उन्होंने कहा कि उनके पास जो विद्या होगी, वह भगवान की प्रेरणा से ही होगी, न कि किसी जादू से। उनकी श्रीराम कथा 26 से 30 अप्रैल तक नागपुर में हो रही है, जहां विवाद फिर से बढ़ता जा रहा है।

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