मानसून से पहले दिल्ली में तैयारियां तेज़: PWD ने 90% डी-सिल्टिंग पूरा किया

The CSR Journal Magazine
दिल्ली सरकार ने आने वाले मानसून के लिए अपनी तैयारियों को गति दी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने नालों की डी-सिल्टिंग में लगभग 90% कार्य पूरा कर लिया है। इसके साथ ही, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (I&FC) ने 30 लाख मीट्रिक टन से अधिक गाद हटाई है। मंत्री प्रवेश वर्मा ने मोती नगर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे डी-सिल्टिंग कार्य का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण एक व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत वरिष्ठ अधिकारी और फील्ड टीमें शहर के विभिन्न स्थानों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं। इस तैयारी का मुख्य उद्देश्य मानसून के दौरान जलभराव से नागरिकों को राहत पहुंचाना है।

डी-सिल्टिंग की प्रगति

PWD की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, विभाग ने कुल 2,125.87 किलोमीटर लंबे नालों में से 1,900.15 किलोमीटर नालों की डी-सिल्टिंग पूरी कर ली है। यह कुल लक्ष्य का 89.38 प्रतिशत है। इसे बारिश के पानी के सुचारु प्रवाह, नालों में रुकावटों को दूर करने और सड़कों पर जलभराव की संभावना को कम करने के लिए किया जा रहा है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने इस साल 30,91,242 मीट्रिक टन गाद हटाकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।

गाद हटाने की रिकॉर्ड उपलब्धि

इस बार, दिल्ली के I&FC विभाग ने 21 प्रमुख नालों से 2,84,655 मीट्रिक टन गाद हटाई है। इससे न केवल जल निकासी क्षमता में सुधार होगा, बल्कि बाढ़ और जलभराव की समस्या को भी कम किया जा सकेगा। पिछले वर्ष विभाग ने केवल 19 लाख मीट्रिक टन गाद हटाई थी, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा अभूतपूर्व बढ़त के साथ 30 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है।

शहर भर का निरीक्षण

मंत्री प्रवेश वर्मा ने मौके पर निरीक्षण के दौरान कहा कि कार्यों की स्थिति को सही ढंग से जानने के लिए जमीनी स्तर पर आकलन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में अगले 10-15 दिनों में निरीक्षण किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी नागरिक जलभराव की समस्या का सामना न करे।

जलभराव से निपटने की सरकार की योजना

सरकार का लक्ष्य है कि मानसून के दौरान दिल्ली के नागरिकों को जलभराव का सामना न करना पड़े। मंत्री वर्मा ने कहा कि सभी नालों, सड़कों और संवेदनशील स्थानों की समीक्षा की जा रही है। जहां भी कमियां पाई जाएंगी, वहां तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि तैयारी में कोई भी कमी ना रह जाए।

दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता

प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार “संकट आने के बाद प्रतिक्रिया” की बजाय “पहले से तैयारी” करने की नीति पर काम कर रही है। इसके अंतर्गत लगातार निगरानी, विभागों के बीच समन्वय और फील्ड स्तर पर निरीक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। रिकॉर्ड स्तर पर डी-सिल्टिंग और व्यापक निरीक्षण अभियान से स्पष्ट है कि दिल्ली सरकार शहर को और अधिक सुरक्षित, सक्षम और जलभराव मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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