लालू परिवार में ‘किडनी’ पर कलह: बेटी रोहिणी का दर्द और राजनीति से संन्यास
बिहार की राजनीति के सबसे ताकतवर लालू परिवार के राबड़ी आवास के भीतर इन दिनों ‘ज्वालामुखी’ धधक रही है, जिसकी तपिश बाहर तक महसूस की जा रही है। यह कलह तब सामने आई जब लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य, जिन्होंने अपने पिता को जीवनदान देने के लिए किडनी दान की थी, ने अपने भाई तेजस्वी यादव के कुछ करीबी सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में आरोप लगाया कि तेजस्वी के सहयोगी, सांसद संजय यादव (हरियाणा से) और रमीज (यूपी से) उनके बारे में अपमानजनक बातें कह रहे हैं।
”गंदी किडनी” का आरोप, क्या यही है पिता की सेवा का सिला?
रोहिणी के अनुसार, उन्हें यह कहकर जलील किया गया कि उन्होंने अपने पिता को ‘गंदी किडनी’ दी और इसके बदले करोड़ों रुपये और पार्टी का टिकट लिया। एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुकीं रोहिणी ने इस आरोप को अपनी ‘सबसे बड़ी गलती’ बताया। उन्होंने भावुक होकर कहा, “मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनों बच्चों को नहीं देखा। किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली।”
इस अपमान से आहत होकर रोहिणी ने घोषणा की कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और परिवार से नाता तोड़ रही हैं।
आधी रात को मायका छोड़ना पड़ा: ‘रोहिणी जैसी बेटी न हो’
पूरे विवाद का दुखद नतीजा यह रहा कि जिस बेटी ने पिता को जीवन दिया, उसे अपमान सहने के बाद रात को ही मायका छोड़ना पड़ा। रोहिणी ने एक पोस्ट में आरोप लगाया कि उन्हें ‘गालियों के साथ बोला गया’ और ‘मारने के लिए चप्पल (भी) उठाया गया’।
उन्होंने सभी शादीशुदा बेटियों को भावुक सलाह दी: “भूलकर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं। अपने भाई… को ही बोलें कि वह अपनी… किडनी लगवा दे।” रोहिणी ने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “किसी घर रोहिणी जैसी बेटी (पैदा) न हो।”
तेजस्वी के करीबियों पर हार का ठीकरा
रोहिणी ने हालिया बिहार चुनाव में राजद की हार के लिए भी संजय यादव और रमीज को जिम्मेदार ठहराया, उन्हें ‘चाणक्य’ समझने वाले मगर जमीनी कार्यकर्ताओं को महत्व न देने वाले बताया। रमीज को रोहिणी ने ‘अपराधी मानसिकता वाला गैंगस्टर’ भी बताया।
लालू परिवार की चुप्पी और सुमन की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर लालू परिवार के किसी भी सदस्य ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन ने दावा किया कि उन्हें पता था कि परिवार में सब कुछ ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, “जो अब तक केवल धुआं था, वह अब धधकती आग बन गया है।” सुमन ने तेजस्वी को ‘संवेदनशीलता लाने’ की सलाह दी और इस घटना को ‘बहुत दुखद’ बताया।
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