अनुच्छेद-26: चंपत राय का बनेगा कवच, न FIR न गिरफ्तारी!

The CSR Journal Magazine
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में चंपत राय का नाम बार-बार सामने आ रहा है। हालांकि, अब तक उनके खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं हुई है, न ही उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इसके पीछे अनुच्छेद 26 के तहत दिए गए ट्रस्ट के अधिकारों को कारण बताया जा रहा है। जबकि अन्य आठ लोगों के खिलाफ FIR और गिरफ्तारी हो चुकी है, चंपत राय के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

सोशल मीडिया पर अधर में लटका प्रश्न

सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में अनुच्छेद 26 को एक संवैधानिक कवच के रूप में देखा जा रहा है। क्या यह सच में चंपत राय को बचा रहा है? हालांकि, विनय कटियार ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी चर्चा हुई है और चंपत राय की गिरफ्तारी संभव है, लेकिन इस पर कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है।

अनुच्छेद 26 और उसके अधिकार

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 26 के अनुसार, धार्मिक संप्रदायों को अपने धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने के लिए ट्रस्ट बनाने का अधिकार है। यह अनुच्छेद चार भागों में विभाजित है, जिसमें ट्रस्ट के अधिकार और प्रबंधन का विस्तार शामिल है। हालांकि, अनुच्छेद 26 के अंतर्गत किसी विशेष व्यक्ति को आपराधिक मामलों में छूट नहीं दी गई है।

चंपत राय का कवच बनता अनुपालन

अब सवाल यह है कि चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई न होने के पीछे अनुच्छेद 26 का क्या रोल है। इसके अनुसार, धार्मिक उद्देश्यों के लिए बनाए गए ट्रस्ट को अपने मामलों का प्रबंधन करने का अधिकार है। चंपत राय के खिलाफ अभी तक कोई ठोस आपराधिक मामला नहीं बना है, और ट्रस्ट के प्रबंधन में लापरवाही के आरोप ही उठ रहे हैं।

राज्य का दखल और कानूनी स्थिति

राज्य केवल तभी दखल दे सकता है जब किसी धार्मिक ट्रस्ट के कार्यों से नागरिकों की सार्वजनिक व्यवस्था या नैतिकता पर असर ना पड़े। चंपत राय के मामले में, अभी तक कोई वित्तीय धोखाधड़ी या अन्य अपराध के सबूत नहीं मिले हैं। ट्रस्ट के नियमों के अनुसार, कार्रवाई का अधिकार ट्रस्ट के सदस्यों के हाथ में है।

सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण

सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही कहा है कि किसी स्वायत्त संस्था, जैसे ट्रस्ट, को राज्य के नियंत्रण से मुक्त रखा जाना चाहिए। चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार फिलहाल ट्रस्ट के पास है, और इसके फैसले का अनुश्रवण भी ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। ट्रस्ट की आंतरिक कार्यप्रणाली और निर्णय लेने की प्रक्रिया भी अभी अस्पष्ट है।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos