राजस्थान में हाईराइज बिल्डिंग्स को मिली बड़ी राहत, ऊंचाई की सीमा खत्म अब फायर सेफ्टी मानकों पर मिलेगी मंजूरी

The CSR Journal Magazine
राजस्थान सरकार ने मॉडल भवन विनियमों में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए भवनों की ऊंचाई पर वर्षों से लागू प्रतिबंधों को हटाने का फैसला किया है। अब किसी शहर में उपलब्ध फायर लेडर की ऊंचाई भवन निर्माण की मंजूरी का एकमात्र आधार नहीं होगी। यदि किसी परियोजना में आधुनिक अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन किया गया है, तो अधिक ऊंचाई तक निर्माण की अनुमति मिल सकेगी। इस निर्णय से रियल एस्टेट, आवासीय और व्यावसायिक निर्माण क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।

फायर लेडर की बाध्यता खत्म, बदले भवन स्वीकृति के नियम

अब तक राजस्थान में भवनों की अधिकतम ऊंचाई काफी हद तक स्थानीय अग्निशमन विभाग की फायर लेडर क्षमता पर निर्भर करती थी। जिस शहर में जितनी ऊंचाई तक फायर लेडर पहुंच सकती थी, उसी के अनुरूप भवनों को मंजूरी दी जाती थी। इसके कारण जयपुर में लगभग 70 मीटर और उदयपुर-जोधपुर जैसे शहरों में करीब 60 मीटर तक की इमारतों को ही स्वीकृति मिल पाती थी। नए संशोधन के बाद यह बाध्यता समाप्त हो जाएगी और भवन की सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिक आधार माना जाएगा।

आधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम होंगे अनिवार्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऊंची इमारतों की अनुमति केवल उन्हीं परियोजनाओं को मिलेगी जो भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) और राष्ट्रीय अग्निशमन सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करेंगी। इसके तहत स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर अलार्म, स्मोक मैनेजमेंट सिस्टम, आपातकालीन निकास, फायर एस्केप, जल भंडारण व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुरक्षा उपाय अनिवार्य होंगे। भवन की ऊंचाई तय करते समय सड़क की चौड़ाई, भूखंड का आकार, डिजाइन और अन्य तकनीकी पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाएगा।

रियल एस्टेट और निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

राज्य सरकार का यह कदम निर्माण क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़े शहरों में भूमि की सीमित उपलब्धता के कारण ऊर्ध्वाधर विकास (Vertical Development) की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। नए नियम लागू होने के बाद हाईराइज आवासीय परियोजनाओं, कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स और मिश्रित उपयोग वाले बड़े प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे निजी निवेश आकर्षित होगा और निर्माण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

स्मार्ट और आधुनिक शहरों की ओर बढ़ेगा राजस्थान

विशेषज्ञों का मानना है कि देश के कई राज्यों में भवनों की ऊंचाई का निर्धारण पहले से ही फायर सेफ्टी और तकनीकी मानकों के आधार पर किया जाता है। राजस्थान में पुराने प्रतिबंधों के कारण कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं अटकी हुई थीं। नए नियम लागू होने के बाद जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, कोटा सहित अन्य शहरों में आधुनिक शहरी विकास को गति मिलेगी। इससे आवास और व्यावसायिक स्पेस की उपलब्धता बढ़ेगी, भूमि का बेहतर उपयोग होगा और राजस्थान राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक शहरी विकास मॉडल के और करीब पहुंच सकेगा।

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