योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: जलालाबाद का नाम बदलकर हुआ परशुराम पुरी

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योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुराम पुरी’ किया गया

उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलकर ‘भगवान परशुराम पुरी’ करने के प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 6 जुलाई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।

एक और नाम परिवर्तन का वक्त

उत्तर प्रदेश की राजनीति में नाम बदलने का सिलसिला लगातार जारी है। शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम अब ‘भगवान परशुराम पुरी’ रखने की घोषणा हुई है। भगवान परशुराम, जिन्हें पुराणों में एक प्रमुख ऋषि माना जाता है, की जन्मभूमि के कारण स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर ये फैसला लिया गया। इसके साथ ही, योगी कैबिनेट ने 27 और प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई है, जो राज्य के लिये महत्वपूर्ण साबित होंगे।

ताजगी भरे 27 प्रस्तावों की मंजूरी

योगी सरकार ने हाल में उत्तर प्रदेश में 27 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन प्रस्तावों में प्रमुखता से जलालाबाद का नाम बदलने का निर्णय शामिल है। जलालाबाद का नाम मुग़ल सम्राट अकबर के नाम पर रखा गया था, जिसे अब बदलकर ‘भगवान परशुराम पुरी’ रखा जाएगा। यह निर्णय स्थानीय पहचान को मजबूती देने के साथ ही पर्यटन के क्षेत्र में भी विकास के लिए है।

परशुराम की जन्मस्थली

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है, जहाँ उनका एक प्राचीन मंदिर भी स्थापित है। इस कस्बे का नाम पहले मुगल सम्राट अकबर के समय से जुड़ा हुआ था, जिसे अब बदलकर भारतीय सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप ‘परशुरामपुरी’ किया जा रहा है।

फैसले की पृष्ठभूमि

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संगठनों द्वारा साल 2018 से ही इस नाम को बदलने की मांग की जा रही थी। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले ही अपनी मंजूरी दे चुका था, जिसे अब राज्य कैबिनेट ने भी अपनी अंतिम मुहर लगा दी है।कैबिनेट की इस मंजूरी के बाद, शासन द्वारा जल्द ही नाम परिवर्तन की आधिकारिक राजपत्र (गजट) अधिसूचना जारी कर दी जाएगी

स्टार्टअप मिशन का आगाज़

कैबिनेट के इस निर्णय में उत्तर प्रदेश में ‘स्टार्टअप मिशन‘ की स्थापना की भी मंजूरी दी गई। आई टी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की जिम्मेदारी मंत्री सुनील शर्मा को सौंपी गई है। भारत सरकार की ‘स्टार्टअप नीति 2026’ और ‘डेटा सेंटर नीति 2026’ पर भी बातचीत की गई है, जिससे प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

पशुधन बीमा योजना की बड़ी पहल

मुख्यमंत्री ने किसानों की बेहतरी के लिए ‘मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना’ का प्रस्ताव रखा। यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू की जाएगी, जिससे लघु एवं सीमांत कृषक और पशुपालकों को संरक्षण मिलेगा। योजना के तहत, राज्यांश 85% और लाभार्थी अंश 15% होगा, जिससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पहल

योगी कैबिनेट ने श्रमिक वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी बड़े कदम उठाए हैं। गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल और वाराणसी में एक ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के निर्माण की मंजूरी दी गई। इस बाबत निःशुल्क भूमि आवंटन का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया है, जिससे श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

शिक्षा में विशेष सीटों का आरक्षण

वाराणसी मेडिकल कॉलेज में 50% एमबीबीएस सीट श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित की जाएगी। यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में समानता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अलावा, राज्य के छात्रों को केंद्र सरकार की ओर से 7% सीटें दी जाएंगी, जिससे शिक्षा का स्तर और भी बेहतर होगा।

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