Raghuleela Mall Vashi: वाशी का रघुलीला मॉल कभी लोगों की पहली पसंद हुआ करता था, लेकिन पिछले कुछ सालों में इसे बुनियादी ढांचे की समस्या और लोगों की घटती संख्या का सामना करना पड़ा है। अब Wadhva Group ने इस जगह को अपने कब्जे में ले लिया है और प्रतिष्ठित मॉल के ध्वस्त होने के बाद एक आधुनिक पुनर्विकास की योजना बनाई जा रही है जिसके बाद वाशी की सूरत बदल जाएगी।
रघुलीला मॉल रहा है वाशी की पहचान
नवी मुंबई में लंबे समय से रह रहे किसी भी निवासी से रघुलीला मॉल के बारे में पूछें, तो उनके पास बताने के लिए एक कहानी होगी। इसलिए, जब हाल ही में प्रतिष्ठित मॉल को ध्वस्त करने की योजना का ऐलान किया गया, तो कई लोगों को आश्चर्य हुआ। वाधवा समूह इस प्रसिद्ध पुराने मॉल को एक आकर्षक, मिश्रित उपयोग वाले परिसर में बदलने की तैयारी कर रहा है, जो वाशी के क्षितिज को फिर से एक नया आयाम देने की कोशिश है। यह निर्णय कई वर्षों से लगातार घटते हुए फुटफॉल और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों के बाद लिया गया है, जो कभी नवी मुंबई के पहले संगठित खुदरा केंद्रों में से एक था। 2000 के दशक की शुरुआत में रघुलीला मॉल की कल्पना एक गतिशील खुदरा और मनोरंजन स्थल के रूप में की गई थी।
रघुलीला मॉल को ध्वस्त करने की तैयारी
अब इसकी कल्पना करना मुश्किल है, लेकिन जब 2000 के दशक की शुरुआत में जब रघुलीला खुला, तो यह एक चुंबक की तरह था। 375,000 वर्ग फीट में फैले, इस चार-मंज़िला मॉल में खचाखच भरे Inox मल्टीप्लेक्स और लंबी कतारों वाले फ़ूड कोर्ट से लेकर शोर से भरे गेमिंग ज़ोन और व्यस्त दुकानों तक सब कुछ था। चार मंजिलों (जी+3) के साथ, इसमें कई खुदरा दुकानें, एक मल्टीप्लेक्स, फ़ूड कोर्ट और गेमिंग ज़ोन थे, जो जल्द ही परिवारों और युवाओं के लिए एक लोकप्रिय अड्डा बन गया। इसके खुलने से वाशी के विकास में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया, जो एक शांत आवासीय इलाके से एक जीवंत व्यावसायिक केंद्र बन गया, जिसने राष्ट्रीय और स्थानीय दोनों ब्रांड्स को एक ही छत के नीचे ला दिया। पीक वीकेंड पर, यहां लगभग 30,000 तक कस्टमर्स आते थे। ऐसा लगता था जैसे वीकेंड पर पूरा शहर मॉल में भरा हुआ हो!
वक्त के साथ घटी लोकप्रियता
समय ने साथ नहीं दिया और Onorbit Mall, Seawoods Nexus जैसे नए मॉल और बेहतर सुविधाओं वाले अन्य स्थानों के साथ रघुलीला की प्रतिस्पर्धा कठिन होती गई। रघुलीला के अंदर कम रखरखाव के कारण अंदरूनी भाग फीका पड़ गया और लोगों की संख्या कम होती गई। आज केवल मुट्ठी भर स्टोर, लगभग 20, अभी भी खुले हैं, और वे अधिक समय तक टिके नहीं रहेंगे।
वाधवा समूह ने नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया
वाधवा समूह संभवतः 2025 के अंत तक मौजूदा रघुलीला मॉल की ईमारत को डिमोलिश कर अगली कार्रवाई के लिए एक प्रीमियम मिश्रित उपयोग वाली ईमारत का निर्माण करेगा, जिसमें खुदरा दुकानें, कार्यालय और आवासीय स्थान होंगे, जो एक आधुनिक परिसर में होंगे। आज के शहर की जरूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन की गई संकल्पना ज़्यादा लचीली, वेल कनेक्टेड और भविष्य के निर्माण का मॉडल होगी।
रघुलीला अकेला ऐसा मॉल नहीं है, जिसकी लोकप्रियता घटने से उसे डिमोलिश करने की नौबत आ गई। सेंटर वन मॉल का भी 2024 में यही हश्र हुआ है। इसकी साइट अब Kamdhenu Realities द्वारा एक वाणिज्यिक परियोजना के बतौर विकसित की जा रही है।
रघुलीला से जुड़े स्थानीय लोगों के इमोशंस
पुरानी यादें भारी हैं लेकिन वास्तविकता से कोई बच नहीं सकता। वाशी का रघुलीला मॉल एक ऐसा क्षेत्र बन गया था जो लोगों की भावनाओं से जुड़ा था, जिसे आज कई लोग मृत क्षेत्र कहते हैं। इसके बुनियादी ढांचे में गिरावट और घटते हुए फुटफॉल इस बात के प्रमाण हैं कि मॉल आज के लोगों की खरीदारी या अवकाश स्थान की अपेक्षाओं से काफी हद तक अलग या ओल्ड फ़ैशंड हो चुका था। अगर वाधवा ग्रुप अपने विज़न पर खरा उतरता है, तो यह सिर्फ़ एक और कांच और स्टील कॉम्प्लेक्स से कहीं बढ़कर हो सकता है। यह वाशी को एक नया गुरुत्वाकर्षण केंद्र, एक नई पहचान दे सकता है, जो खरीदारों, कर्मचारियों और निवासियों के लिए समान रूप से काम करेगा।