वंदे मातरम विवाद: सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ीं, BJP ने दर्ज कराई शिकायत

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वंदे मातरम विवाद: सोनिया गांधी के खिलाफ कर्नाटक में पुलिस शिकायत, भाजपा और कांग्रेस में भारी राजनीतिक घमासान

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मुख्यालय में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन के दौरान हुए एक कथित घटनाक्रम ने अब देशव्यापी राजनीतिक और कानूनी विवाद का रूप ले लिया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कर्नाटक के विभिन्न शहरों में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सोनिया गांधी और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रगीत के प्रति अनादर प्रदर्शित किया और उसे बीच में ही रुकवाने का प्रयास किया। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित और बेबुनियाद करार दिया है।

कर्नाटक के मंगलुरु और बेंगलुरु में शिकायतें दर्ज

प्राप्त विवरण के अनुसार, रविवार (16 अगस्त) को कर्नाटक के मंगलुरु और बेंगलुरु में भाजपा नेताओं द्वारा सोनिया गांधी के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें सौंपी गईं। मंगलुरु के उरवा पुलिस स्टेशन में भाजपा नेता विकास पुत्तूर ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब प्रोटोकॉल के अनुसार राष्ट्रगीत वंदे मातरम का गायन चल रहा था, तब सोनिया गांधी ने इसके प्रति अनादर दिखाया और इसे बीच में ही रोकने पर जोर दिया। विकास पुत्तूर ने पुलिस से इस मामले में तुरंत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम की संबंधित धाराओं तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस द्वारा उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वह उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) का रुख करेंगे और निजी शिकायत दर्ज करवाएंगे।

बेंगलुरु के मल्लेश्वरम पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज

इसी तरह का एक अन्य मोर्चा बेंगलुरु में भी खोला गया, जहां भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक धीरज मुनिराजू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मल्लेश्वरम पुलिस स्टेशन में सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। भाजपा युवा मोर्चा ने मांग की है कि राष्ट्रगीत का अपमान करने के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी को देश की जनता से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायतें प्राप्त कर ली गई हैं, लेकिन FIR दर्ज करने से पहले इस संवेदनशील मामले पर कानूनी सलाह (लीगल ओपिनियन) ली जा रही है।

क्या है पूरा विवाद? वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

इस पूरे विवाद की शुरुआत 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के एक वीडियो से हुई, जिसे भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों और सोशल मीडिया हैंडल द्वारा साझा किया गया। भाजपा नेताओं का दावा है कि वीडियो में जब वंदे मातरम का गायन शुरू हुआ, तो शुरुआती छंदों के बाद सोनिया गांधी कुछ असहज और आक्रोशित दिखाई दीं और उन्होंने गायन को बीच में ही रोकने का इशारा किया। वीडियो में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी आपस में कुछ इशारों में बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस के इन शीर्ष नेताओं का यह आचरण राष्ट्रगीत के प्रति उनकी गहरी अरुचि और अनादर को दर्शाता है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेताओं का तीखा हमला

इस विवाद को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। चित्तौड़गढ़ में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम के गायन में व्यवधान डालकर एक अक्षम्य अपराध (पाप) किया है, जिसके लिए देश की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। अमित शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों से ‘वोट बैंक की राजनीति’ के कारण वंदे मातरम की उपेक्षा की है। वहीं, दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं की घबराहट कैमरे में साफ कैद हो गई है, जो राष्ट्रगीत के प्रति उनके असली दृष्टिकोण को उजागर करती है। भाजपा के अन्य नेताओं ने पटना, रायपुर, कोलकाता और तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख शहरों में मशाल और कैंडल मार्च निकालकर कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है।

बिना शर्त माफी की मांग

इस विवाद में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय (वंदे मातरम के रचयिता) के प्रत्यक्ष वंशज और भाजपा विधायक उमीत्रो चटर्जी ने भी सोनिया गांधी को पत्र लिखकर बिना शर्त माफी की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक देशभक्त नागरिक के तौर पर इस घटना से उन्हें गहरी ठेस और पीड़ा पहुंची है।

कांग्रेस की सफाई: ‘मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मंगवा रही थीं सोनिया’

भाजपा के इन आक्रामक आरोपों पर पलटवार करते हुए कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया है कि ये आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठे हैं। कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने कहा कि कार्यक्रम में राष्ट्रगीत को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया गया था और पूरा वंदे मातरम नियमानुसार गाया गया था। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी केवल कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कर रही थीं। चूंकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया गांधी पीछे मुड़कर स्टाफ के सदस्य से खरगे जी के बैठने के लिए कुर्सी का प्रबंध करने के लिए कह रही थीं, जिसे भाजपा ने गलत तरीके से पेश किया है। कांग्रेस ने भाजपा पर स्वतंत्रता दिवस जैसे ऐतिहासिक अवसर का राजनीतिकरण करने और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया है।

नया कानून और कानूनी पहलू

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में देश की संसद ने राष्ट्रगीत को लेकर एक नया कानून पारित किया है। गत 30 जुलाई को संसद द्वारा ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ को ध्वनि मत से पारित किया गया था, जो वंदे मातरम को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समकक्ष कानूनी संरक्षण प्रदान करता है। इस नए कानून के तहत राष्ट्रगीत के जानबूझकर किए गए अपमान या उसके गायन में बाधा डालने पर तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का सख्त प्रावधान किया गया है। यही कारण है कि भाजपा इस मामले को कानूनी रूप से बेहद गंभीरता से उठा रही है, जबकि पुलिस फिलहाल इस पर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है और पूरी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय करेगी।

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