अयोध्या में राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच में विशेष जांच दल (SIT) ने तेजी से काम किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए SIT को आदेश दिया था कि वे जल्द से जल्द अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आज, SIT 50 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। लोगों ने चंदे के लेन-देन के मामलों को लेकर अपने बयान दिए हैं। SIT आज अपनी रिपोर्ट सीएम को सौंप सकती है, जो इस मामले को लेकर जिज्ञासु हैं।
सियासत में ताजा गर्मी
अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी की जांच से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग चल रही है। विपक्षी दलों ने सीएम योगी पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस सप्ताह SIT को 7 दिन के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश मिला था, जो अब अपने अंतिम चरण में है।
पारदर्शिता की ओर कदम बढ़ते हुए
CM योगी ने इस मामले में पारदर्शिता का आश्वासन देते हुए कहा है कि इस जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसआईटी के छठे दिन में भी सीएम ने कहा कि जो भी लोग अपराध में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने राम भक्तों से अपील की कि वे जांच पूरी होने तक संयम रखें और बेबुनियाद टिप्पणियां करने से दूर रहें।
जानें SIT के गठन की कहानी
राम मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर 14 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया था। इस टीम में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जो अब तक जांच कर चुके हैं। SIT ट्रस्ट के अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों से बयान दर्ज कर चुकी है। इसके अलावा, चंदा डालने वाले सभी कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है।
सीएम का सख्त संदेश
अयोध्या की गरिमा को बनाए रखने के लिए सीएम योगी ने कहा है कि आरोप लगाने वाले लोग अयोध्या की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें इस कार्य में नहीं सफल होना चाहिए। सीएम ने कहा कि भगवान राम ने हमें गरिमा और धार्मिक आचरण का महत्व सिखाया है और हमें उसकी रक्षा करनी चाहिए।
अखिलेश यादव का यथार्थवादी सवाल
इस बीच, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मामले में सीएम पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि अयोध्या यात्रा की जांच के लिए भी एक SIT का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने यथार्थता से यह सवाल उठाया है कि क्या सीएम अपनी यात्राओं में भी पारदर्शिता बनाए रखेंगे।
सपा का बयान और सरकार की चुप्पी
इस महीने की शुरुआत में, सपा के नेता पवन पांडे ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर में दान की गई राशि का दुरुपयोग हुआ है। अखिलेश यादव ने भी गम्भीरता से ने इस मुद्दे पर निर्भीक जांच की मांग की है। ऐसे में, सरकार की चुप्पी पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष लगातार इसे लेकर सीसीटीवी फुटेज जारी करने की मांग कर रहा है।
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