मिनेसोटा में इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान 5 साल के बच्चे को पिता के साथ हिरासत में लिए जाने की घटना ने अमेरिका में आव्रजन नीति की सख्ती और मानवीय पक्ष पर बहस छेड़ दी है, जहां स्कूल प्रशासन और मानवाधिकार संगठनों ने इसे अमानवीय कदम बताया है।
अमेरिका में 5 साल के बच्चे को इमिग्रेशन एजेंट्स ने हिरासत में लिया, स्कूल प्रशासन ने कहा-‘बच्चे को चारा बनाया गया’
अमेरिका के मिनेसोटा राज्य से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्री-स्कूल से घर लौट रहे 5 साल के मासूम बच्चे को उसके पिता के साथ अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया। इस घटना को लेकर स्कूल प्रशासन और मानवाधिकार संगठनों में भारी आक्रोश है। स्कूल अधिकारियों का आरोप है कि बच्चे को जानबूझकर ‘चारे (Bait)’ की तरह इस्तेमाल किया गया ताकि घर के अंदर मौजूद अन्य लोगों को बाहर निकाला जा सके।
घर की ड्राइववे से उठाया गया बच्चा
कोलंबिया हाइट्स पब्लिक स्कूल्स की सुपरिंटेंडेंट जेना स्टेनविक के अनुसार, यह घटना 20 जनवरी की दोपहर की है। जैसे ही बच्चा अपने पिता के साथ घर पहुंचा, फेडरल एजेंट्स ने चलती कार से बच्चे को उतार लिया। इसके बाद अधिकारियों ने बच्चे से कहा कि वह घर का दरवाजा खटखटाए और देखे कि अंदर कोई और मौजूद है या नहीं। बच्चे के पिता ने अंदर मौजूद मां से दरवाजा न खोलने को कहा। मां का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। स्कूल अधिकारियों ने दावा किया कि एजेंट्स ने बच्चे को घर में मौजूद किसी अन्य वयस्क या स्कूल अधिकारी के हवाले करने से इनकार कर दिया। स्टेनविक ने कहा, ‘असल में एक 5 साल के बच्चे को चारा बनाया गया। यह बेहद अमानवीय है।”
सरकार का पक्ष: बच्चा निशाना नहीं था
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) की प्रवक्ता ट्रिशिया मैकलॉफलिन ने कहा कि, “ICE ने किसी बच्चे को निशाना नहीं बनाया।” उनके अनुसार, एजेंट्स बच्चे के पिता एड्रियन अलेक्जेंडर कोनेजो एरियास को गिरफ्तार कर रहे थे, जो इक्वाडोर का नागरिक है और अवैध रूप से अमेरिका में रह रहा है। सरकारी बयान में दावा किया गया कि पिता मौके से भाग गया और बच्चे को छोड़ दिया, इसलिए बच्चे की सुरक्षा के लिए एक अधिकारी उसके साथ रुका।
टेक्सास के डिटेंशन सेंटर में पिता-बेटा साथ
DHS के मुताबिक, पिता ने खुद इच्छा जताई कि बच्चा उसके साथ ही रहे। फिलहाल दोनों को टेक्सास के डिली (Dilley) इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। हालांकि स्कूल प्रशासन का कहना है कि यह परिवार 2024 में अमेरिका आया था, इनका शरण (Asylum) मामला अभी लंबित है और इन्हें देश छोड़ने का कोई आदेश नहीं दिया गया था। स्कूल सुपरिंटेंडेंट स्टेनविक ने सवाल उठाया, “आखिर 5 साल के बच्चे को हिरासत में लेने की क्या जरूरत थी? क्या कोई यह कह सकता है कि वह हिंसक अपराधी है?”
मिनेसोटा में तेज हुई इमिग्रेशन कार्रवाई
मिनेसोटा इस समय बड़े पैमाने पर इमिग्रेशन छापों का केंद्र बना हुआ है। US Customs And Border Protection अधिकारी ग्रेग बोविनो के अनुसार, पिछले 6 हफ्तों में करीब 3,000 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने मिनियापोलिस के नेताओं से मुलाकात के दौरान कहा कि उन्होंने यह “भयानक कहानी” सुनी है, लेकिन बाद में पता चला कि बच्चे को गिरफ्तार नहीं बल्कि हिरासत में लिया गया।
उन्होंने कहा, “क्या अधिकारी 5 साल के बच्चे को ठंड में मरने के लिए छोड़ दें? क्या वे अवैध प्रवासी को गिरफ्तार न करें?” हालांकि उनसे यह नहीं पूछा गया कि एजेंट्स ने बच्चे को घर में मौजूद अन्य वयस्क के सुपुर्द क्यों नहीं किया।
डिटेंशन सेंटर की हालत पर चिंता
मानवाधिकार संगठन चिल्ड्रन राइट्स की कानूनी सलाहकार लीशिया वेल्च ने चेतावनी दी कि डिली डिटेंशन सेंटर में हालात बेहद खराब हैं। उनके अनुसार डिटेंशन सेंटर में कई बच्चे कुपोषण के शिकार हैं, गंभीर रूप से बीमार हैं और कई बच्चों को 100 दिनों से ज्यादा समय तक हिरासत में रखा गया है। दिसंबर में प्रशासन ने माना था कि करीब 400 बच्चे लंबे समय तक हिरासत में रहे।
मिनेसोटा में 5 साल के बच्चे को इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए जाने की घटना ने अमेरिका की इमिग्रेशन नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलोचकों का कहना है कि कानून लागू करने के नाम पर नाबालिग बच्चों को कार्रवाई का हिस्सा बनाना मानवीय मूल्यों और बाल अधिकारों के खिलाफ है। स्कूल प्रशासन और मानवाधिकार संगठनों ने इसे अत्यधिक कठोर और असंवेदनशील नीति का उदाहरण बताया है, जबकि सरकार का तर्क है कि अधिकारियों ने बच्चे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कदम उठाया।
अमेरिकी आव्रजन नीति सवालों के घेरे में
यह मामला उस समय सामने आया है जब मिनेसोटा समेत कई राज्यों में इमिग्रेशन छापों में तेजी आई है। सवाल उठ रहा है कि क्या मौजूदा नीति में बच्चों और शरण मांगने वाले परिवारों के लिए पर्याप्त मानवीय सुरक्षा प्रावधान हैं? खासकर तब, जब परिवार का शरण आवेदन लंबित हो और निर्वासन का कोई आदेश न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाएं न सिर्फ अमेरिका की वैश्विक छवि को प्रभावित करती हैं, बल्कि कानून और मानवता के बीच संतुलन पर भी नई बहस छेड़ देती हैं।
मिनेसोटा की यह घटना अमेरिका की इमिग्रेशन नीति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। एक ओर सरकार कानून लागू करने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर 5 साल के मासूम बच्चे की हिरासत ने मानवीय मूल्यों और बाल अधिकारों को लेकर देशभर में बहस छेड़ दी है।
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