यवतमाल महासंग्राम: उद्धव ठाकरे के तीखे तीर, संजय देशमुख का जवाब और बदलते राजनीतिक समीकरण

The CSR Journal Magazine

गद्दारों से पूछो विश्वासघात क्यों किया… उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों पर लगाई तोहमत

यवतमाल दौरे के दौरान उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों और विधायकों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि विश्वासघात का कारण उन्हीं गद्दारों से पूछा जाना चाहिए। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने साफ किया कि उन्होंने सभी को सब कुछ दिया, फिर भी उन्होंने पीठ में छुरा घोंपा।

यवतमाल दौरे में बागियों पर बरसे ठाकरे

शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने हाल ही में यवतमाल दौरे के दौरान बागी नेताओं और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जमकर हमले किए। ठाकरे ने कहा कि बागियों के जाने के बावजूद उनकी पार्टी आज भी मजबूत बनी हुई है। उन्होंने बीजेपी पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने हिंदुत्व के साथ विश्वासघात किया है।

बागियों की दागदार छवि पर सवाल

ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “असली शिवसैनिक आज भी हमारे साथ हैं।” उन्होंने बागी सांसदों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह शर्म की बात है कि ये नेता इतने लंबे समय तक पार्टी के साथ रहे। उन्हें यह भी बताया गया कि विधायक भले ही चले गए हों, लेकिन शिवसेना की ताकत कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने लोकसभा चुनाव में 9 सांसद जीते हैं।

उद्धव का सवाल

ठाकरे ने बागी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे लोकसभा चुनाव में जीत के लिए उनके प्रचार और जन समर्थन का लाभ उठाकर अब खुद को अलग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “ये सांसद केवल मेरे कहने पर चुने गए थे। अब इनमें इतनी हिम्मत आ गई है कि वे कहते हैं क्षेत्र का दौरा करना बेकार है।”

जनता की अदालत से अपील

ठाकरे ने जनता से अपील की कि वे बागियों से खुद पूछें कि इतनी सुख-सुविधाएं और सम्मान मिलने के बाद भी उन्होंने पार्टी के साथ धोखा क्यों किया। उन्होंने कहा कि अब इस विश्वासघात का फैसला अदालत के बजाय सीधे जनता की अदालत (चुनाव) में होगा। ठाकरे ने बागियों को चुनौती दी कि वे खुद के दम पर वोट मांगकर दिखाएं, न कि बाल ठाकरे के नाम और शिवसेना के चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करके।

बीजेपी पर बेबाकी से हमला

उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को भी नहीं बख्शा और कहा कि वे राम को बीजेपी-मुक्त करना चाहते हैं। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे में हुई कथित चोरी का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी ने हिंदुत्व के सिद्धांतों के साथ विश्वासघात किया है। ठाकरे ने कहा कि जब राम मंदिर का निर्माण हो रहा था, तब शिवसेना ने ईंटें दान की थीं, और अब मंदिर में हुई चोरी की बातें सामने आ रही हैं।

राजनीतिक सवालों का उठाना

उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि विकास निधि किसी एक पार्टी की जागीर नहीं है बल्कि यह जनता का पैसा है। यह गंभीर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, “क्या बीजेपी की सदस्यता अब नागरिकता मानी जाएगी?” और पूछा, “क्या बीजेपी पाकिस्तान जनता पार्टी बन गई है?”

यवतमाल दौरे के अन्य प्रमुख बयान

ठाकरे ने अपनी जनसभा में बागी सांसदों के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी तीखा हमला बोला। ठाकरे ने भावुक होते हुए कहा कि जिन लोगों ने ‘आई’ (मां) की शपथ लेकर गद्दारी की है, उन्हें जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ये सभी बागी सांसद लोकसभा चुनाव केवल मेरे प्रचार और जनता के मेरे प्रति विश्वास के दम पर ही जीते थे।

गद्दारों के साथ रहने पर शर्म

उद्धव ने कहा, “सच्चे शिवसैनिक आज भी मेरे साथ मजबूती से खड़े हैं। मुझे शर्म आती है कि ये गद्दार इतने लंबे समय तक हमारे साथ रहे”। BJP पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पूरे देश में खरीद-फरोख्त और दलबदल की राजनीति शुरू कर दी है।

किसानों का मुद्दा और उनकी उपेक्षा

किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए ठाकरे ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने किसानों के लिए कर्ज माफी की थी और आज भी किसानों के हितों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आज किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी नहीं मिल रही है, जबकि बागी सांसद अपनी सीट को पक्का समझकर बैठे हैं।

शिंदे गुट और बागी सांसद संजय देशमुख की प्रतिक्रिया

हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खेमे में शामिल हुए स्थानीय सांसद संजय उत्तमराव देशमुख और शिंदे गुट ने इन आरोपों का कड़ा जवाब दिया। बागी सांसद संजय देशमुख ने कहा, “हमारे क्षेत्र के कई विकास कार्य और शकुंतला ब्रॉड गेज जैसी परियोजनाएं अटकी हुई थीं। सत्ता में न होने के कारण किसान आत्महत्या कर रहे थे और जनता में भारी असंतोष था”

।ED-CBI का कोई दबाव नहीं

उन्होंने साफ किया कि वे किसी केंद्रीय एजेंसी के दबाव में नहीं, बल्कि केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शामिल हुए हैं। दलबदल के बाद सीएम एकनाथ शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष अपना मानसिक संतुलन खो चुका है और वे केवल विधायी समय बर्बाद कर रहे हैं।

आगामी चुनावों पर प्रभाव

6 सांसदों के पाला बदलने और ठाकरे के इस आक्रामक दौरे का महाराष्ट्र की राजनीति पर गहरा असर पड़ने वाला है। बागी सांसद अकेले नहीं गए हैं, वे अपने साथ बूथ अध्यक्षों, स्थानीय समितियों और जमीनी कार्यकर्ताओं को भी ले गए हैं। ठाकरे को इन क्षेत्रों में संगठन शून्य से दोबारा खड़ा करना होगा। उद्धव ठाकरे इन दौरों के जरिए जनता के बीच एक बार फिर ‘सहानुभूति की लहर’ (Sympathy Wave) पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। देखना होगा कि जनता विकास (सत्ता) को चुनती है या वफादारी को।

MVA गठबंधन में कद

इस बड़ी टूट के बाद महाविकास अघाड़ी (MVA) में शिवसेना (UBT) की मोलतोल करने की ताकत कमजोर हो सकती है। ठाकरे को सहयोगियों (कांग्रेस और NCP) के सामने साबित करना होगा कि उनका वोट बैंक अभी भी बरकरार है। 6 सांसदों के आने से लोकसभा में शिंदे गुट की ताकत बढ़कर 13 सीटों पर पहुंच गई है, जिससे आगामी विधानसभा चुनावों के लिए महायुति (NDA) गठबंधन में उनका पलड़ा भारी रहेगा।

साथी नेताओं की उपस्थिती

यवतमाल दौरे के दौरान उद्धव ठाकरे के साथ वरिष्ठ नेता अनिल देसाई और अरविंद सावंत भी मौजूद थे। उन्होंने बागी सांसदों के पाला बदलने पर सवाल उठाते हुए कहा, “हमें कोई अन्या नहीं हुआ था, फिर क्यों पार्टी छोड़ने की जरूरत पड़ी?” सावंत ने यह भी कहा कि ये सांसद बिकाऊ और भ्रष्ट हैं, और उन्होंने मीडिया द्वारा उजागर की गई खामियों के विरुद्ध आवाज उठाई।

Long or Short, get news the way you like. No ads. No redirections. Download Newspin and Stay Alert, The CSR Journal Mobile app, for fast, crisp, clean updates!

App Store –  https://apps.apple.com/in/app/newspin/id6746449540 

Google Play Store – https://play.google.com/store/apps/details?id=com.inventifweb.newspin&pcampaignid=web_share

Latest News

Popular Videos