पुराने नोट से करोड़पति बनने का सपना पड़ सकता है भारी: जानिए क्या है RBI का सच और कैसे हो रही है ठगी?

The CSR Journal Magazine
सोशल मीडिया पर इन दिनों पुराने नोटों के बदले लाखों और करोड़ों रुपये मिलने के दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं। खासकर 5 रुपये के पुराने नोट के बदले करोड़ों रुपये मिलने का लालच देकर साइबर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साफ किया है कि पुराने नोटों के बदले सरकार या केंद्रीय बैंक किसी तरह का अतिरिक्त भुगतान नहीं करता। ऐसे दावे केवल लोगों को ठगने का जरिया हैं।

सोशल मीडिया के झांसे में फंस रहे लोग

हरियाणा के फरीदाबाद में एक व्यक्ति ने फेसबुक पर 5 रुपये के पुराने नोट के बदले 1 करोड़ रुपये मिलने का विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद ठगों ने खुद को कंपनी का अधिकारी बताते हुए नोट की तस्वीर मंगवाई। इसके बाद जीएसटी, एयरपोर्ट फीस, सेल टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर उससे 1,02,267 रुपये जमा करा लिए। रकम जमा होने के बाद ठगों ने संपर्क तोड़ दिया, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

अजमेर में भी सामने आया ऐसा ही मामला

राजस्थान के अजमेर की एक शिक्षिका भी इसी तरह के जाल में फंस गईं। उनके पास मौजूद ट्रैक्टर वाले 5 रुपये के पुराने नोट के बदले 48 लाख रुपये मिलने का दावा किया गया। रजिस्ट्रेशन, आरबीआई क्लीयरेंस और टैक्स के नाम पर उनसे लगातार पैसे लिए गए। आखिर में जब कोई भुगतान नहीं मिला, तब तक उनसे करीब साढ़े तीन लाख रुपये की ठगी हो चुकी थी। इससे पहले मध्य प्रदेश में भी इसी तरह का मामला सामने आ चुका है।

क्या सच में पुराने नोट की कीमत लाखों होती है?

आरबीआई के अनुसार किसी भी पुराने नोट की कीमत उसकी फेस वैल्यू ही होती है। हालांकि दुर्लभ, एंटीक और अच्छी स्थिति वाले नोट, जिन पर खास सीरियल नंबर दर्ज हों, उन्हें मुद्रा संग्रहकर्ता सामान्य कीमत से अधिक में खरीद सकते हैं। लेकिन उनकी कीमत भी नोट की दुर्लभता, स्थिति और मांग पर निर्भर करती है, न कि लाखों या करोड़ों रुपये में तय होती है।

यूनिक नंबर और ग्रेडिंग का महत्व

000001, 000786, 123456 या 654321 जैसे विशेष सीरियल नंबर वाले नोट संग्रहकर्ताओं के बीच लोकप्रिय माने जाते हैं। फिर भी केवल यूनिक नंबर होने से नोट की कीमत आसमान नहीं छूती। नोट की गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण होती है, इसलिए विशेषज्ञ PMG या PCGS जैसी संस्थाओं से ग्रेडिंग कराने की सलाह देते हैं।

ऐसे रहें सुरक्षित

विशेषज्ञों का कहना है कि आरबीआई या किसी सरकारी संस्था के नाम पर किए जाने वाले ऐसे दावों पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे या निजी जानकारी न दें। यदि साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें, राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं और अपने बैंक को तुरंत सूचना दें।

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