पाकिस्तानी सेना पर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बड़ा हमला हुआ है। पाकिस्तानी तालिबान (TTP) के हमलावरोंने अफगान सीमा पर पाकिस्तानी सेना के काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया। इस खूनी मुठभेड़ में 11 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई।
पाकिस्तान के सैन्य दस्ते पर तालिबानी हमला
अफगान सीमा के पास एक पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले में 9 पाकिस्तानी जवान और 2 अधिकारी मारे गए। इसकी जिम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान ने ले ली है। जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 19 तालिबानी लड़ाकों को मार गिराया। ये हमला खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कुर्रमजिले में हुआ, जहां IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से काफिले को निशाना बनाया गया।
TTP ने ली हमले की जिम्मेदारी
इस हमले को लेकर पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘कुर्रम जिले में तैनात सैन्य काफिले पर तालिबान के लड़ाकों ने अचानक हमला बोला। रोडसाइड बम विस्फोट के बाद भारी गोलीबारी हुई, जिसमें 9 सैनिक और 2 अधिकारी शहीद हो गए। जवाब में हमारी सेना ने 19 उग्रवादियों को ढेर कर दिया।’ यह घटना अफगानिस्तान सीमा के नजदीक ओरकजई जिले से सटे क्षेत्र में हुई, जहां तालिबान लंबे समय से सक्रिय है। TTP ने सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि ये पाकिस्तानी सेना के खिलाफ उनकी ‘जिहाद’ का हिस्सा है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने जताया दुख
पाकिस्तानी सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) ने बताया कि इलाके में अब “सैनीटाइजेशन ऑपरेशन” चलाया जा रहा है ताकि किसी अन्य आतंकी तत्व को समाप्त किया जा सके। बयान में कहा गया कि आतंकवाद पूरी तरह खत्म करने तक कार्रवाई जारी रहेगी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अपने बयान में कहा, “हमारे बहादुर जवानों की कुर्बानियां बेकार नहीं जाएंगी।”
हमले को लेकर पाकिस्तानी मीडिया का बयान
स्थानीय मीडिया संस्थानों ने इस हमले की जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान सशस्त्र बल के प्रवक्ता (डीजी आईएसपीआर) ने पुष्टि की है कि खैबर पख्तूनख्वा के ओरकजई जिले में पाकिस्तानी तालिबान के हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर रैंक के दो अधिकारियों सहित 11 सैनिक शहीद हो गए। कई आतंकवादियों के भी मारे जाने की खबर है। लेफ्टिनेंट कर्नल जुनैद आरिफ (39), जो ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे, और मेजर तय्यब रहत (33) अपने नौ साथियों के साथ मारे गए।
पाकिस्तानी सेना ने भारत पर लगाए आरोप
पाकिस्तानी सेना ने अपने बयान में कहा कि इस इलाके में आतंकियों के खात्मे के लिए अभियान चला रही है। उसने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे भारत का हाथ है। पाकिस्तानी सेना ने भारत के शामिल होने का कोई सबूत नहीं दिया। इससे पहले पाकिस्तानी सेना ने टीटीपी के 14 आतंकियों को मार दिया था। अब टीटीपी ने 11 पाकिस्तानी सैनिकों को मारकर अपना बदला पूरा कर लिया है। पाकिस्तान में इस साल के पिछले तीन महीने में आतंकी घटनाओं में 46 फीसदी की तेजी देखी है।
पाकिस्तान में बढ़े सुरक्षा बलों पर हमले
माना जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से TTP ने पाकिस्तान में सुरक्षा बलों पर हमले तेज कर दिए हैं। ये संगठन पाकिस्तान सरकार को गिराकर अपने सख्त इस्लामी शासन की स्थापना करना चाहता है। वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि ये आतंकी अफगानिस्तान में प्रशिक्षण लेकर पाकिस्तान पर हमले करते हैं, हालांकि काबुल इस बात से बार-बार इनकार करता है।
पाकिस्तान के हमले का दिया जवाब
पाकिस्तानी वायुसेना ने 21 सितंबर की रात खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की तिराह घाटी स्थित एक गांव पर 8 लेजर-गाइडेड बम गिराए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 30 लोग मारे गए थे। हालांकि आधिकारिक आंकड़ा 24 बताया गया। पाकिस्तानी सेना ने दावा किया था कि उनके हमले का लक्ष्य तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का बम बनाने वाला अड्डा था। आरोप था कि ये लोग बम बनाकर पास की मस्जिद में छुपाकर रखते हैं।
पाक सेना और TTP की लड़ाई में जनता मर रही
पाकिस्तान सेना और TTP की लड़ाई में अब तक कम से कम 901 लोग मारे जा चुके हैं और 599 लोग घायल हो गए हैं। मारे गए लोगों में आम नागरिक, सुरक्षाकर्मी और आतंकी शामिल हैं। इस दौरान हिंसा की 329 घटनाएं हुई हैं। पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत अफगानिस्तान से सटा हुआ है। पाकिस्तान का आरोप है कि TTP आतंकियों को तालिबान की सरकार ने शरण दी है। वे तालिबान पर लगातार दबाव डाल रहे हैं कि वे TTP के खिलाफ कार्रवाई करें।
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