‘जागो ग्राहक जागो’ अभियान के तहत डिजिटल तकनीक से उपभोक्ताओं को सशक्त बनाने की पहल, खरीदारी से पहले उत्पाद की पूरी जानकारी होगी उपलब्ध
भारत में डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अब विभिन्न उत्पादों पर उपलब्ध QR (क्विक रिस्पॉन्स) कोड उपभोक्ताओं को आवश्यक जानकारी तक आसान और त्वरित पहुंच प्रदान कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अधिक जागरूक, सशक्त और सुरक्षित बनाना है ताकि वे खरीदारी के दौरान सही निर्णय ले सकें।
QR कोड से सशक्त होंगे उपभोक्ता, खरीदारी से पहले मिलेगी हर जरूरी जानकारी
उपभोक्ता मामलों से जुड़े जागरूकता अभियानों, विशेषकर ‘जागो ग्राहक जागो’, के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि किसी भी उत्पाद को खरीदने से पहले उस पर उपलब्ध QR कोड को स्कैन कर उसकी पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। इससे न केवल उत्पाद की प्रामाणिकता की जांच आसान होती है, बल्कि नकली, घटिया या गलत जानकारी वाले उत्पादों से भी बचाव संभव होता है।
क्या होता है QR कोड?
QR कोड एक विशेष प्रकार का दो-आयामी (2D) बारकोड होता है जिसे स्मार्टफोन के कैमरे या किसी QR स्कैनर ऐप की सहायता से आसानी से स्कैन किया जा सकता है। स्कैन करते ही उपभोक्ता सीधे उस उत्पाद से संबंधित डिजिटल जानकारी, वेबसाइट या प्रमाणन विवरण तक पहुंच सकता है।
QR कोड से उपभोक्ताओं को क्या-क्या जानकारी मिल सकती है?
उत्पाद पर उपलब्ध QR कोड के माध्यम से उपभोक्ता निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं—
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उत्पाद का नाम और ब्रांड
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निर्माता एवं आयातक का नाम और पता
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निर्माण (Manufacturing) एवं समाप्ति (Expiry) तिथि
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अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP)
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बैच नंबर एवं सीरियल नंबर
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उत्पाद की गुणवत्ता संबंधी प्रमाणपत्र
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उपयोग करने की विधि
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सुरक्षा संबंधी निर्देश
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सामग्री (Ingredients)
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वारंटी एवं गारंटी की जानकारी
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ग्राहक सेवा (Customer Care) संपर्क
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शिकायत दर्ज कराने का माध्यम
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उत्पाद की प्रामाणिकता का सत्यापन
नकली उत्पादों पर लगेगी रोक
बाजार में नकली और मिलावटी उत्पादों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ऐसे में QR कोड उपभोक्ताओं के लिए एक प्रभावी सुरक्षा कवच बनकर उभरा है। यदि स्कैन करने पर उत्पाद की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट से मेल नहीं खाती या कोई जानकारी उपलब्ध नहीं होती, तो उपभोक्ता तुरंत सतर्क हो सकता है। इससे नकली उत्पाद बेचने वालों पर भी अंकुश लगेगा तथा कंपनियों की जवाबदेही बढ़ेगी।
डिजिटल इंडिया अभियान को मिलेगा बल
सरकार का डिजिटल इंडिया अभियान केवल सरकारी सेवाओं तक सीमित नहीं है बल्कि अब उपभोक्ता अधिकारों और बाजार व्यवस्था को भी डिजिटल माध्यम से मजबूत किया जा रहा है। QR कोड आधारित सूचना प्रणाली इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। डिजिटल माध्यम से जानकारी उपलब्ध होने के कारण कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता कम होगी और उपभोक्ता कहीं भी, कभी भी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
उपभोक्ता अधिकार होंगे और मजबूत
भारत में उपभोक्ताओं को कई महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त हैं, जिनमें—
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सुरक्षा का अधिकार
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जानकारी प्राप्त करने का अधिकार
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अपनी पसंद का उत्पाद चुनने का अधिकार
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शिकायत दर्ज कराने का अधिकार
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मुआवजा प्राप्त करने का अधिकार
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उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार
QR कोड इन अधिकारों को व्यवहारिक रूप से मजबूत बनाने का कार्य कर रहा है क्योंकि सही जानकारी ही जागरूक उपभोक्ता की सबसे बड़ी शक्ति होती है।
शिकायत दर्ज करना होगा आसान
कई कंपनियां QR कोड के माध्यम से सीधे शिकायत पोर्टल, ग्राहक सेवा नंबर, ई-मेल या चैट सहायता तक पहुंच उपलब्ध करा रही हैं। इससे उपभोक्ताओं को अलग-अलग वेबसाइट खोजने की आवश्यकता नहीं पड़ती और शिकायत प्रक्रिया अधिक सरल एवं तेज हो जाती है।
खाद्य एवं दवा उत्पादों में विशेष उपयोग
खाद्य पदार्थों, दवाओं, सौंदर्य प्रसाधनों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तथा अन्य उपभोक्ता उत्पादों में QR कोड का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इससे उपभोक्ता यह सुनिश्चित कर सकता है कि उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं। खाद्य उत्पादों में पोषण संबंधी जानकारी, एलर्जी संबंधी चेतावनी तथा गुणवत्ता प्रमाणन जैसी जानकारियां भी QR कोड के माध्यम से उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
ई-कॉमर्स उपभोक्ताओं के लिए भी लाभदायक
ऑनलाइन खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी QR कोड अत्यंत उपयोगी साबित हो रहे हैं। डिलीवरी के बाद उत्पाद पर लगे QR कोड को स्कैन करके ग्राहक उसकी वास्तविकता, वारंटी पंजीकरण तथा निर्माता की आधिकारिक जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं।
उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक सावधानियां
विशेषज्ञों का कहना है कि QR कोड स्कैन करते समय कुछ सावधानियां अवश्य बरतनी चाहिए—
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केवल विश्वसनीय और आधिकारिक उत्पादों पर लगे QR कोड ही स्कैन करें।
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स्कैन करने के बाद खुलने वाले लिंक की जांच करें।
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किसी अज्ञात वेबसाइट पर व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
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संदिग्ध QR कोड मिलने पर संबंधित कंपनी या उपभोक्ता हेल्पलाइन से संपर्क करें।
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यदि जानकारी अधूरी या गलत दिखाई दे तो उत्पाद खरीदने से पहले पुष्टि अवश्य करें।

