राजस्थान में एक्सप्रेस-वे क्रांति की तैयारी, 9 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर

The CSR Journal Magazine
राजस्थान सरकार ने राज्य में सड़क संपर्क और औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है। इनमें से दो एक्सप्रेस-वे का निर्माण राज्य सरकार स्वयं कराएगी, जबकि दो परियोजनाएं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के माध्यम से विकसित की जाएंगी। शेष परियोजनाओं की प्रक्रियाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि अगले पांच वर्षों में इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

जयपुर-जोधपुर और जयपुर-भीलवाड़ा कॉरिडोर पर विशेष फोकस

राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल जयपुर-जोधपुर हाई स्पीड कॉरिडोर लगभग 350 किलोमीटर लंबा होगा और इसकी अनुमानित लागत 11,492 करोड़ रुपये है। यह दूदू, किशनगढ़, अजमेर और जोधपुर को जोड़ते हुए अमृतसर-जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर से संपर्क स्थापित करेगा। इसके निर्माण के बाद जयपुर से जोधपुर की यात्रा लगभग साढ़े तीन घंटे में पूरी हो सकेगी।
वहीं 193 किलोमीटर लंबे जयपुर-भीलवाड़ा एक्सप्रेस-वे की लागत 6,894 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटकर लगभग दो घंटे रह जाएगा।

प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों को मिलेगा नया नेटवर्क

कोटपूतली-किशनगढ़ एक्सप्रेस-वे, ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे तथा बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों को बेहतर संपर्क प्रदान करेंगे। 181 किलोमीटर लंबे कोटपूतली-किशनगढ़ मार्ग की लागत 6,906 करोड़ रुपये होगी, जबकि 342 किलोमीटर लंबे ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे पर 14,010 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे 295 किलोमीटर लंबा होगा, जिसकी लागत 10,839 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।

दक्षिण राजस्थान और हाड़ौती क्षेत्र को मिलेगा लाभ

अजमेर-बांसवाड़ा एक्सप्रेस-वे तथा जालोर-झालावाड़-हल्दीघाटी एक्सप्रेस-वे दक्षिण राजस्थान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। 358 किलोमीटर लंबे अजमेर-बांसवाड़ा मार्ग पर 12,582 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं 402 किलोमीटर लंबे जालोर-झालावाड़-हल्दीघाटी एक्सप्रेस-वे की अनुमानित लागत 16,267 करोड़ रुपये है, जो अमृतसर-जामनगर इकोनॉमिक कॉरिडोर को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा।

अधिकारियों को फील्ड विजिट के निर्देश

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बजट घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जयपुर-फलौदी थार एक्सप्रेस-वे और श्रीगंगानगर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाएं प्रदेश में व्यापार, पर्यटन और निवेश को नई दिशा देंगी। साथ ही सरकार पहले से निर्मित राष्ट्रीय राजमार्गों और नए एक्सप्रेस-वे के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने पर भी कार्य कर रही है, जिससे आम नागरिकों को तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।

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